Shiv Panchakshar Stotram: सावन का महीना शुरू हो गया है। इस महीने में भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। सावन का महीने में बहुत धूमधाम के साथ शिव की पूजा- अर्चना की जाती है। सावन मास में शिव पंचाक्षर का स्तोत्र का पाठ करने से शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। शिव पंचाक्षर का स्तोत्र पाठ करने से कालसर्प दोष से भी मुक्ति मिलती है। प्रत्येक दिन भगवान शिव के इस स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति का मन प्रसन्न कर सकते हैं। शिव पंचाक्षर स्तोत्र बहुत ही प्रभावी माना जाता है। यहां पढ़ें शिव पंचाक्षर स्तोत्र।
Shiv Panchakshar Stotram (शिव पंचाक्षर स्तोत्र)
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय।नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे न काराय नम: शिवाय:।।
मंदाकिनी सलिल चंदन चर्चिताय नंदीश्वर प्रमथनाथ महेश्वराय।
मंदारपुष्प बहुपुष्प सुपूजिताय तस्मे म काराय नम: शिवाय:।।
शिवाय गौरी वदनाब्जवृंद सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय।
श्री नीलकंठाय वृषभद्धजाय तस्मै शि काराय नम: शिवाय:।।
वशिष्ठ कुभोदव गौतमाय मुनींद्र देवार्चित शेखराय।
चंद्रार्क वैश्वानर लोचनाय तस्मै व काराय नम: शिवाय:।।
यज्ञस्वरूपाय जटाधराय पिनाकस्ताय सनातनाय।
दिव्याय देवाय दिगंबराय तस्मै य काराय नम: शिवाय:।।
पंचाक्षरमिदं पुण्यं य: पठेत शिव सन्निधौ।
शिवलोकं वाप्नोति शिवेन सह मोदते।।
नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांग रागाय महेश्वराय।
नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मे ‘न’ काराय नमः शिवायः।।
