अध्यात्म

Shitala Mata Ke Bhajan: शीतला सप्तमी और अष्टमी पर सुनें माता शीतला के ये सदाबहार भजन

Shitala Mata Ke Bhajan (शीतला माता के भजन): इस साल शीतला अष्टमी का त्योहार 22 मार्च को मनाया जाएगा। इस दिन माता शीतला को बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। यहां हम आपके लिए लेकर आए हैं माता शीतला के सदाबहार भजन।

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Shitala Mata Ke Bhajan

Shitala Mata Ke Bhajan (शीतला माता के भजन): शीतला अष्टमी का पावन पर्व हर साल चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन माता शीतला की विधि विधान पूजा की जाती है और उन्हें बासी चीजों का भोग लगाया जाता है। इस दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं। कहते हैं जो कोई ये व्रत सच्चे मन से रखता है उसके जीवन के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। माता शीतला मौसमी बीमारियों से भी अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। यहां हम आपको बताएंगे शीतला माता के भजन जो आप इस पावन पर्व वाले दिन सुन सकते हैं।

Shitala Mata Ke Bhajan List (शीतला माता के भजन)

  • मंदिर बना तेरा सुंदर
  • शीतला माई मेरी करले सुनाई
  • मेरे सर पे धर दे हाथ गुड़गामे आली
  • दुखियों के संकट काटे
  • पूज ले मां शीतला रानी ने
  • तोरा रोज रटूं नाम मां शीतला
  • ज्योत पे झूम रही मां शीतला
  • शीतला सज्जा तेरा गुड़गामा दरबार
  • तेरी देखु ज्योत पे बाट शीतला

शीतला माता के गीत (Sheetala Mata Ke Geet)

तेरी हो रही जय जय कार

शीतला महारानी

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी,

टीका तो तेरा बना धरा,

महारानी,

टीका तो तेरा बना धरा,

महारानी,

तेरी बिंदिया का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी बिंदिया का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी।।

हरवा तो तेरा बना धरा,

महारानी,

हरवा तो तेरा बना धरा,

महारानी,

तेरी लाली का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी लाली का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी।।

चूड़ियां तो तेरी बनी धरीं,

महारानी,

कंगना तो तेरा बना धरा,

महारानी,

तेरी मेंहदी का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी मेंहदी का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी।।

पायल तो तेरी बनी धरी,

महारानी,

बिछुआ तो तेरा बना धरा,

महारानी,

तेरे महवर का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरे महवर का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी।।

लहंगा तो तेरा बना धरा,

महारानी,

चोला तो तेरा बना धरा,

महारानी,

तेरी चूनर का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी चूनर का रंग लाल,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी,

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी।।

तेरी हो रही जय जयकार,

शीतला महारानी, महारानी।।

शीतला माता के गाने (Sheetala Maharani Ke Gane)

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के माथे पै टीका साज रहा ।

तेरी बिन्दियां करे कमाल, हो कमाल !

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के गले मै हरवा साज रहा ।

तेरी नधनी करे कमाल, हो कमाल !

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के हाथों मे चुड़ियां साज रही ।

तेरी मेंहदी करे कमाल, हो कमाल!

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ अंग मै साड़ी साज रही ।

माँ की चुनरी करै कमाल, हो कमाल!

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के पैरों मे पायल साज रही ।

माँ के बिछुए (महावर)करै कमाल, हो कमाल!

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के भोग मे हलवा साज रहा ।

माँ के छोले करें कमाल, हो कमाल !

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

माँ के भवन मे ज्योत विराज रही ।

माँ के दर्शन करै कमाल, हो कमाल !

मेरी मात शीतला महारानी ।

तेरा गुड़गांव में धाम

हो धाम ! मेरी मात शीतला महारानी ।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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