Navratri Day 1 Shailputri katha Mantra, Aarti (Navratri Aarti Time Today): शारदीय नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ पूजा की शुरुआत हो चुकी है। आज पहले दिन पर पूजा के बाद कथा पढ़ी जाती है और इसके बाद मंत्र उच्चारण रखते हैं। इसके बाद आरती भी की जाती है। नवरात्रि के दिनों में आरती भी अच्छे मुहूर्त में की जाती है, जिससे माता रानी की आशीर्वाद बना रहे। यहां से आप माता रानी की आरती का समय जान सकते हैं।
शारदीय नवरात्रि डे 1 की कथा
देवी भागवत पुराण के अनुसार, एक बार प्रजापति दक्ष ने अपने यहां एक विशाल यज्ञ का आयोजन करवाया। जिसमें उन्होंने समस्त देवी-देवताओं को बुलाया, लेकिन भगवान शिव और अपनी पुत्री सती को इसका निमंत्रण नहीं भेजा। भगवान शिव ने देवी सती को यज्ञ में जाने से मना किया, लेकिन माता नहीं मानीं और वे समारोह में चली गईं। देवी सती के पिता ने यज्ञ में सती और भगवान शिव का खूब अपमान किया। जिससे माता को बहुत दुख हुआ और उन्होंने यज्ञ की वेदी में कूदकर अपने प्राणों की आहुति दे दी। इसके बाद देवी सती ने देवी पार्वती के रूप में जन्म लिया और तपस्या कर महादेव को पति के रूप प्राप्त किया।
शारदीय नवरात्रि डे 1 मंत्र
-या देवी सर्वभूतेषु शैलपुत्री रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:
-शिवरूपा वृष वहिनी हिमकन्या शुभंगिनी
पद्म त्रिशूल हस्त धारिणी, रत्नयुक्त कल्याणकारिणी
-ओम् ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नम:
-बीज मंत्र- ह्रीं शिवायै नम:
-वन्दे वांच्छित लाभाय चंद्रार्धकृतशेखराम्
वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्
शारदीय नवरात्रि डे 1 की आरती
शैलपुत्री मां बैल सवार। करें देवता जय जयकार।
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी।।
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे।
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू।।
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती तेरी जिसने उतारी।
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिला दो।।
घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के।
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं।।
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे।
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो।।
आज कितने बजे होगी सुबह की आरती?
चूंकि नवरात्रि की आज की पूजा सुबह 8 बजे तक होनी है तो आरती भी इसी दौरान की जाएगी। इसके बाद 10:43 तक पूजा होगी तो सुबह की आखिरी आरती 10 बजकर 43 मिनट तक ही होगी।
नवरात्रि शाम की आरती का समय-
नवरात्रि में शाम की आरती का कोई तय या निश्चित समय नहीं होता है, क्योंकि यह हर मंदिर और घर के अनुसार अलग-अलग होता है. हालांकि, यह आमतौर पर शाम 6 बजे से रात 8 बजे के बीच की जाती है।
