अध्यात्म

शनि की वक्री चाल से इन तीन राशियों की खुलेगी किस्मत, 138 दिनों तक रहेगा सुनहरा समय

Shani retrograde motion: ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को न्याय का देवता कहा गया है। यह कर्म, संयम, अनुशासन और न्याय का प्रतीक माना जाता है। शनि ग्रह जब वक्री होता है, तो इसका प्रभाव सभी लोगों पर पड़ता है। साल 2025 में शनि 13 जुलाई से वक्री हो रहा है और यह 28 नवंबर तक वक्री अवस्था में रहेगा, यानी कुल 138 दिनों तक। इस दौरान कुछ राशियों के जीवन में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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Shani Retrograde 2025

Shani retrograde motion: शनि जब वक्री होता है, तब यह आत्ममंथन, पुरानी जिम्मेदारियों की पुनरावृत्ति और अधूरे कामों को पूरा करने का समय होता है। यह समय उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है जो अनुशासन और मेहनत से दूर रहते हैं, लेकिन जिनकी कर्मनिष्ठा मजबूत होती है, उनके लिए यह समय प्रगति और सफलता का संकेत बन सकता है। 2025 में शनि देव पूरे 138 दिनों के लिए वक्री होने जा रहा है। जानिए शनि की इस चाल से किन राशियों को जबरदस्त लाभ मिलेगा।

शनि का वक्री होना किन राशियों के लिए रहेगा शुभ

1. मकर राशि: शनि मकर राशि के स्वामी हैं, और वक्री अवस्था में इन पर विशेष कृपा रहेगी। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां और प्रमोशन के योग बनेंगे। आर्थिक परेशानियां दूर हो जाएंगी। समय सुनहरा रहेगा।

2. कुंभ राशि: इस राशि के जातकों को आय के नए स्रोत मिल सकते हैं। रुके हुए काम पूरे होंगे और धन लाभ होगा। कई माध्यमों से धन कमाने में सफल रहेंगे। जिस काम में हाथ डालेंगे उसमें सफलता मिलेगी।

3. कन्या राशि: कर्मफलदायक समय है। नौकरी और व्यापार में स्थिरता आएगी। पुराने निवेशों से लाभ मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति पुहले से काफी बेहतर हो जाएगी।

4. वृषभ राशि: वक्री शनि पुराने कर्जों से मुक्ति दिला सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। अनेक माध्यमों से धन कमाने में सफल रहेंगे। समय काफी सुनहरा रहने वाला है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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