अध्यात्म

Sawan Shivratri Aarti: सावन शिवरात्रि पर करें भगवान शिव की ये आरती, हर कष्ट से मिल जाएगा छुटकारा

Sawan Shivratri 2024 Aarti: आज सावन शिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की विधि विधान पूजा की जाती है। यहां हम आपको बताएंगे सावन शिवरात्रि की आरती।

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Sawan Shivratri Aarti, Shivji Ki Aarti

Sawan Shivratri Aarti (सावन शिवरात्रि आरती): शिवरात्रि का दिन भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए खास माना जाता है। कहते हैं इस दिन जो भक्त सच्चे मन से भगवान की पूजा-अर्चना करता है उसकी सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। शिवरात्रि पूजा के लिए निशिता काल समय सबसे शुभ माना जाता है। लेकिन एक चीज के बिना शिवरात्रि पूजा अधूरी मानी जाती है वो चीज है शिवजी की आरती। इसलिए सावन शिवरात्रि पर भगवान शिव की ओम जय शिव ओंकारा आरती को जरूर करें।

Sawan Shivratri Shivji Ki Aarti (सावन शिवरात्रि शिवजी की आरती)

ॐ जय शिव ओंकारा, प्रभु जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, अर्द्धांगी धारा ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे। शिव पंचानन राजे।

हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे ॥ ॐ हर हर हर महादेव.॥

दो भुज चार चतुर्भुज दस भुज अति सोहे। प्रभु दस भुज अति सोहे।

तीनों रूप निरखते। त्रिभुवन मन मोहे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥

अक्षमाला बनमाला मुण्डमाला धारी। शिव मुण्डमाला धारी।

चंदन मृगमद चंदा, सोहे त्रिपुरारी॥ ॐ हर हर हर महादेव॥

श्वेताम्बर पीताम्बर बाघम्बर अंगे। शिव बाघम्बर अंगे।

ब्रह्मादिक सनकादिक भूतादिक संगे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥

कर के मध्य कमंडलु चक्र त्रिशूल धर्ता। शिव कर में त्रिशूल धर्ता।

जगकर्ता जगहर्ता जगपालनकर्ता॥ ॐ हर हर हर महादेव॥

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका। स्वामी जानत अविवेका।

प्रणवाक्षर के मध्ये ये तीनों एका ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥

त्रिगुण शिवजी की आरती जो कोई नर गावे। प्रभु प्रेम सहित गावे।

कहत शिवानन्द स्वामी मनवांछित फल पावे ॥ ॐ हर हर हर महादेव॥

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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