Satyanarayan Bhagwan Ki Aarti (सत्यनारायण भगवान की आरती) 2025: आज कार्तिक पूर्णिमा है और आज के दिन को देव दीपावली के रूप में भी मनाया जाता है। आज के दिन हर घर में सत्यनारायण भगवान की पूजा होती है। सत्यनारायण भगवान की कथा के साथ-साथ आरती भी की जाती है। इससे भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। यहां से आप श्री सत्यनारायण भगवान की आरती देख सकते हैं।
श्री सत्यनारायणजी की आरती (Aarti Shri Satyanarayan Ji Ki)-
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी जन पातक हरणा॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
रत्न जडि़त सिंहासन अद्भुत छवि राजै। नारद करत निराजन घंटा ध्वनि बाजै॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
प्रकट भये कलि कारण द्विज को दर्श दियो। बूढ़ा ब्राह्मण बनकर कांचन महल कियो॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
दुर्बल भील कठारो, जिन पर कृपा करी। चन्द्रचूड़ एक राजा तिनकी विपत्ति हरी॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
वैश्य मनोरथ पायो श्रद्धा तज दीन्हों। सो फल भोग्यो प्रभु जी फिर-स्तुति कीन्हीं॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
भाव भक्ति के कारण छिन-छिन रूप धरयो। श्रद्धा धारण कीनी, तिनको काज सरयो॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
ग्वाल बाल संग राजा वन में भक्ति करी। मनवांछित फल दीन्हों दीनदयाल हरी॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
चढ़त प्रसाद सवायो कदली फल, मेवा। धूप दीप तुलसी से राजी सत्य देवा॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
श्री सत्यनारायण जी की आरती जो कोई नर गावै। भगतदास तन-मन सुख सम्पत्ति मनवांछित फल पावै॥
ओम जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा।।
