अध्यात्म

संतोषी माता भजन: शुक्रवार के दिन जरूर सुनें माता संतोषी के ये भजन, घर में होता है खुशियों का आगमन

Santoshi Mata Bhajan: मां संतोषी की पूजा के लिए शुक्रवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। यहां देखें संतोषी माता के भजन कीर्तन के लिए, ढोलक वाले - लिखित में।

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संतोषी माता के भजन लिरिक्स (pinterest)

Santoshi Mata Bhajan: हिन्दू धर्म में शुक्रवार का दिन मां संतोषी को समर्पित होता है। मान्यता है कि जो भक्त ‘सोलह शुक्रवार’ का व्रत पूरी श्रद्धा से रखते हैं और अंत में भजन कीर्तन करते हैं, उनके घर में सुख, शांति और संतोष का वास होता है। मां संतोषी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं, चाहे वह विवाह हो, संतान प्राप्ति हो, या फिर धन-समृद्धि हो। ऐसे में मां संतोषी की पूजा के दौरान उनके भजन को जरूर सुनें।जब हम सच्चे मन से संतोषी माता के भजनों का गायन करते हैं, तो मन को असीम शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

संतोषी माता के भजन

संतोषी माता के भजन लिरिक्स इन हिंदी यहां कुछ भजनों का कलेक्शन हैं जिन्हें आप कीर्तन में गाकर संतोषी मां को खुश कर सकते हैं।

जय सन्तोषी माता भजन लिरिक्स इन हिंदी

जय सन्तोषी माता, मैया सन्तोषी माता

अपने सेवक जन की, सुख सम्पत्ति दाता

जय सन्तोषी माता

जय सन्तोषी माता, मैया सन्तोषी माता

अपने सेवक जन की, सुख सम्पत्ति दाता

जय सन्तोषी माता

सुन्दर चीर सुनहरी माँ धारण कीन्हों

हीरा पन्ना दमके, तन श्रृंगार कीन्हों

जय सन्तोषी माता

गेरू लाल छटा छवि, बदन कमल सोहे

मन्द हंसत करुणामयी, त्रिभुवन मन मोहे

जय सन्तोषी माता

स्वर्ण सिंहासन बैठी, चंवर ढुरें प्यारे

धूप दीप मधुमेवा, भोग धरें न्यारे

जय सन्तोषी माता

गुड़ और चना परमप्रिय, तामे संतोष किये

सन्तोषी कहलाई, भक्तन वैभव दिये

जय सन्तोषी माता

शुक्रवार प्रिय मानत, आज दिवस सोही

भक्त मण्डली छाई, कथा सुनत मोही

जय सन्तोषी माता

मन्दिर जगमग ज्योति, मंगल ध्वनि छाई

विनय करें हम सेवक, चरनन सिर नाई

जय सन्तोषी माता

भक्ति भावमय पूजा, अंगीकृत कीजै

जो मन बसै हमारे, इच्छा फल दीजै

जय सन्तोषी माता

दुखी दरिद्री, रोगी, संकट मुक्त किये

बहु धन-धान्य भरे घर, सुख सौभाग्य दिये

जय सन्तोषी माता

ध्यान धरे जन तेरा, मनवांछित फल पायो

पूजा कथा श्रवण कर, घर आनन्द आयो

जय सन्तोषी माता

शरण गहे की लज्जा, राखियो जगदम्बे

संकट तू ही निवारे, दयामयी अम्बे

जय सन्तोषी माता

शुक्रवार प्रिय मानती, आज दिवस सोही

भक्त मण्डली छाई, कथा सुनत मोही

जय सन्तोषी माता

सन्तोषी माता की आरती, जो कोई जन गावे

ऋद्धि-सिद्धि, सुख-सम्पत्ति, जी भर के पावे

जय सन्तोषी माता

जय सन्तोषी माता, मैया सन्तोषी माता

अपने सेवक जन की, सुख सम्पत्ति दाता

जय सन्तोषी माता

जय सन्तोषी माता, मैया सन्तोषी माता

अपने सेवक जन की, सुख सम्पत्ति दाता

जय सन्तोषी माता

बिगड़ी बना दो संतोषी माता लिरिक्स इन हिंदी

बिगड़ी बना दो संतोषी माता

कुछ तो करो माँ संतोषी माता

अर्ज सुनो मोरी संतोषी माता

विपदा ऐसी आन पड़ी हैं

घिर घिर आये कारे बादल

दुःख की आंधी तेज चली हैं

किरपा करो दुःख ये हरो मदद करो

बिगड़ी बना दो संतोषी माता

दुःख तो लगाये घात बैठे हैं दिन रात

दर्द से मेरा कहो कैसा हैं नाता

कोई नहीं हैं पास बस एक तेरी आस

हमको दूजा यहाँ कोई न भाता

ओ माँ मोरी निर्बल मन को

तुम बल दोरी,तुम बल दोरी

किरपा करो,दुःख ये हरो,मदद करो

बिगड़ी बना दो संतोषी माता

विपदा ऐसी आन पड़ी हैं

घिर घिर आये कारे बादल

दुःख की आंधी तेज चली हैं

किरपा करो दुःख ये हरो मदद करो

बिगड़ी बना दो संतोषी माता

माँ आ आ आ संतोषी माँ

आ आ माँ आ आ संतोषी माँ आ

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ मत पूछो लिरिक्स इन हिंदी

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ,

मत पूछो कहाँ कहाँ,

है सँतोषी माँ,

अपनी सँतोषी माँ,

अपनी सँतोषी माँ,

बड़ी मन भावन,

निर्मल पावन,

प्रेम की ये प्रतिमा,

अपनी सँतोषी माँ,

अपनी सँतोषी माँ ॥

इस देवी की दया का हमने,

अद्भुत फल देखा,

पल मे पलट दे ये भक्तो की,

बिगड़ी भाग्य रेखा,

बड़ी बलसाली ममता वाली

ज्योति पुंज ये माँ,

अपनी सँतोषी माँ,

अपनी सँतोषी माँ ॥

ये मैया तू भाव की भूखी,

भक्ति से भावे, हो भक्ति से भावे,

हो प्रेम पूर्वक जो कोई पूजे,

मन वांछित पावे,

मंगल करनी चिंता हरनी,

दुःख भंजन ये माँ,

अपनी सँतोषी माँ,

अपनी सँतोषी माँ ॥

यहाँ वहाँ जहाँ तहाँ,

मत पूछो कहाँ-कहाँ,

है सँतोषी माँ,

अपनी सँतोषी माँ,

अपनी सँतोषी माँ,

बड़ी मन भावन,

निर्मल पावन,

प्रेम की ये प्रतिमा,

अपनी सँतोषी माँ,

अपनी सँतोषी माँ ॥

करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं स्वीकार करो माँ लिरिक्स इन हिंदी

करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं,

स्वीकार करो माँ,

मझधार में, मैं अटकी,

बेडा पार करो माँ,

बेडा पार करो माँ,

हे माँ संतोषी, माँ संतोषी ॥

बैठी हूँ बड़ी आशा से,

तुम्हारे दरबार में,

क्यूँ रोये तुम्हारी बेटी,

इस निर्दयी संसार में,

पलटा दो मेरी भी किस्मत,

पलटा दो मेरी भी किस्मत,

चमत्कार करो माँ ।

मझधार में, मैं अटकी,

बेडा पार करो माँ,

बेडा पार करो माँ,

हे माँ संतोषी, माँ संतोषी ॥

मेरे लिए तो बंद है,

दुनिया की सब राहें,

कल्याण मेरा हो सकता है,

माँ आप जो चाहें,

चिंता की आग से मेरा,

चिंता की आग से मेरा,

उद्धार करो माँ ।

मझधार में, मैं अटकी,

बेडा पार करो माँ,

बेडा पार करो माँ,

हे माँ संतोषी, माँ संतोषी ॥

दुर्भाग्य की दीवार को,

तुम आज हटा दो,

मातेश्वरी वापिस मेरे,

सौभाग्य को ला दो,

इस अभागिनी नारी से,

इस अभागिनी नारी से,

कुछ प्यार करो माँ ।

मझधार में, मैं अटकी,

बेडा पार करो माँ,

बेडा पार करो माँ,

हे माँ संतोषी, माँ संतोषी ॥

करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं,

स्वीकार करो माँ,

मझधार में, मैं अटकी,

बेडा पार करो माँ,

बेडा पार करो माँ,

हे माँ संतोषी, माँ संतोषी ॥

संतोषी माँ तुम सब को संसार के दुःख से बचाती हो लिरिक्स इन हिंदी

संतोषी माँ तुम सब को संसार के दुःख से बचाती हो

धन संतोष का सबसे बढ़ा है इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

संतोषी माँ तुम सब को संसार के दुःख से बचाती हो

धन संतोष का सबसे बढ़ा है इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

जो संकट में पड़ जाता माँ शरण तुम्हारी आता है

शरण तुम्हारी आता है

दुःख और दर्द से मुक्ति माता तेरे चरणों में पाता है

तेरे चरणों में पाता है

तेरे चरणों में पाता है

संकट हरती हो तुम उसका सत्य का मार्ग बताती हो

धन संतोष का सबसे बढ़ा है इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

संतोषी माँ तुम सब को संसार के दुःख से बचाती हो

धन संतोष का सबसे बढ़ा है इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

शुक्रवार को भक्ति से जो पूजा तेरी करता है

पूजा तेरी करता है

तेरी कृपा से माँ संतोषी मुश्किल में नहीं पड़ता है

मुश्किल में नहीं पड़ता है

मुश्किल में नहीं पड़ता है

सच्चे भक्तों को तुम मैया धर्म की राह दिखाती हो

धन संतोष का सबसे बढ़ा है इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

संतोषी माँ तुम सब को संसार के दुःख से बचाती हो

धन संतोष का सबसे बढ़ा है इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

तेरी आँचल की छाया में हर कोई सुख पाता है

हर कोई सुख पाता है

तेरी करुणा से ये जीवन धन्य-धन्य हो जाता है

धन्य-धन्य हो जाता है

धन्य-धन्य हो जाता है

चमका देती सबकी किस्मत तुम सौभाग्य दिलाती हो

धन संतोष का सबसे बढ़ा है इसका ज्ञान कराती हो

इसका ज्ञान कराती हो

यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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