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Holi ke Bhajan Lyrics likhe hue: मोहे रंग डारो नंदलाल... यहां देखें होली के शानदार गीत और उनके लिरिक्स

Holi ke Bhajan Lyrics likhe hue,होली के भजन लिखे हुए, भगवान श्रीकृष्ण, राम और भोलेनाथ के सुन्दर भजन: होली का त्योहार गीतों के बिना अधूरा माना जाता है। जब तक 'मोहे रंग डारो नंदलाल' जैसे भजन कानों में नहीं गूंजते, तब तक होली का असली रंग नहीं चढ़ता।इस पर्व की रौनक भक्ति संगीत और खासकर राधा-कृष्ण से जुड़े पारंपरिक होली भजनों से और बढ़ जाती है। ये सदाबहार गीत आज भी लोगों के उत्साह को दोगुना कर देते हैं और त्योहार को आध्यात्मिक रंग से सराबोर कर देते हैं। तो चलिए जानते हैं ऐसे ही कुछ शानदार भजन ।

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होली के भजन (pc: pinterest)

Holi ke Bhajan Lyrics likhe hue,होली के भजन लिखे हुए, भगवान श्रीकृष्ण, राम और भोलेनाथ के सुन्दर भजन: होली का नाम आते ही मन में रंगों की बौछार, हंसी-ठिठोली और ढोल की थाप गूंजने लगती है। लेकिन सच तो यह है कि जब तक राधा-कृष्ण के होली भजन कानों में रस न घोलें, तब तक यह पर्व अधूरा सा लगता है। खासकर ब्रज की होली में गाए जाने वाले पारंपरिक भजन आज भी लोगों के दिलों में वही उत्साह और श्रद्धा बढ़ा देते हैं। इस वर्ष होली का त्योहार 4 मार्च 2026 को मनाया जाएगा और इस खास मौके पर घर-घर में रंगों के साथ भक्ति का रंग भी चढ़ेगा।

1.मोहे रंग डारो नंदलाल

मन बसिया गोविंद गोपाल

मन बसिया गोविंद गोपाल

मोहे रंग डारो नंदलाल

रंग डारो नंदलाल

मोहे रंग डारो नंदलाल

रंग डारो नंदलाल

मैं जोगन हूं तोरी संवारिया

आज सुना दो फिर से मुरलिया

मैं जोगन हूं तोरी जिंदगानी

आज सुना दो फिर से मुरलिया

कान गूंजे रे ऐसी बेमिसाल

कान गूंजे रे ऐसी

बेमिसाल

मोहे रंग डारो नंदलाल

रंग ड़ारो नंदलाल

मोहे रंग ड़ारो नंदलाल

रंग ड़ारो नंदलाल

कृष्ण कृष्ण राधे राधे

कृष्ण कृष्ण राधे राधे

कृष्ण कृष्ण राधे राधे

कृष्ण कृष्ण राधे राधे

छोड़ू न चौखट, वापिस न जाऊं

तोरे रंग में खुद को रंगाऊं

छोड़ू न चौखट, वापिस न जाऊं तोरे रंग में खुद को लगाऊं

अब सांवला रंगो या तुम लाल

अब सांवला रंगो या तुम लाल

मोहे रंग डारो नंदलाल

रंग डारो नंदलाल

मोहे रंग डारो नंदलाल

रंग डारो नंदलाल

मदन मोहन श्यामा बनवारी

पल पल जाऊं तोरे कृष्ण मुरारी

मदन मोहन श्यामा बनवारी

पल पल जाऊं तोरे कृष्ण मुरारी

ऐसी कृपा करो नंदलाल

ऐसी कृपा करो नंदलाल

मोहे रंग डारो नंदलाल

रंग ड़ारो नंदलाल

मोहब्बत डारो नंदलाल

रंग ड़ारो नंदलाल

2.आज बिरज में होरी रे रसिया

आज बिरज में होरी रे रसिया

आज बिरज में होरी रे रसिया

होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया

अपने अपने घर से निकसी,

कोई श्यामल कोई गोरी रे रसिया

कौन गावं के कुंवर कन्हिया,

कौन गावं राधा गोरी रे रसिया

नन्द गावं के कुंवर कन्हिया,

बरसाने की राधा गोरी रे रसिया

कौन वरण के कुंवर कन्हिया,

कौन वरण राधा गोरी रे रसिया

श्याम वरण के कुंवर कन्हिया प्यारे,

गौर वरण राधा गोरी रे रसिया

इत ते आए कुंवर कन्हिया,

उत ते राधा गोरी रे रसिया

कौन के हाथ कनक पिचकारी,

कौन के हाथ कमोरी रे रसिया

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,

राधा के हाथ कमोरी रे रसिया

उडत गुलाल लाल भए बादल,

मारत भर भर झोरी रे रसिया

अबीर गुलाल के बादल छाए,

धूम मचाई रे सब मिल सखिया

चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,

चिर जीवो यह जोड़ी रे रसिया

आज बिरज में होरी रे रसिया

होरी रे होरी रे बरजोरी रे रसिया

3.होली खेले नंदलाला बिरज में

होली खेले नंदलाला , बिरज में होली खेले नंदलाला

होली खेले नंदलाला , बिरज में होली खेले नंदलाला

बरसाने में आया कन्हैया , बरसाने में आया कन्हैया,

रंगने को राधा की सखियां , रंगने को राधा की सखियां,

अरे डर गई बृज बाला , बिरज में होली खेले नंदलाला,

डर गई बृज बाला , बिरज में होली खेले नंदलाला,

अरे होली खेले नंदलाला , बिरज में होली खेले नंदलाला ,

होली खेले नंदलाला, बिरज में होली खेले नंदलाला

डर के भागी सखियां सारी, डर के भागी सखियां सारी,

पीछे पीछे भागे मुरारी, पीछे पीछे भागे मुरारी,

अरे छुप गई बृज बाला, बिरज में होली खेले नंदलाला,

छुप गई बृज बाला , बिरज में होली खेले नंदलाला,

अरे होली खेले नंदलाला, बिरज में होली खेले नंदलाला ,

होली खेले नंदलाला, बिरज में होली खेले नंदलाला,

चढ़ गए कान्हा ऊंची अटारी, चढ़ गए कान्हा ऊंची अटारी,

भर भर मारे कान्हा पिचकारी,भर भर मारे कान्हा पिचकारी,

होली खेले नंदलाला , बिरज में होली खेले नंदलाला ,

होली खेले नंदलाला , बिरज में होली खेले नंदलाला,

बरसाने में आया कन्हैया , बरसाने में आया कन्हैया,

रंगने को राधा की सखियां , रंगने को राधा की सखियां,

अरे डर गई बृज बाला , बिरज में होली खेले नंदलाला,

डर गई बृज बाला , बिरज में होली खेले नंदलाला,

अरे होली खेले नंदलाला , बिरज में होली खेले नंदलाला ,

होली खेले नंदलाला, बिरज में होली खेले नंदलाला

डर के भागी सखियां सारी, डर के भागी सखियां सारी,

पीछे पीछे भागे मुरारी, पीछे पीछे भागे मुरारी,

अरे छुप गई बृज बाला, बिरज में होली खेले नंदलाला,

छुप गई बृज बाला , बिरज में होली खेले नंदलाला,

अरे होली खेले नंदलाला, बिरज में होली खेले नंदलाला ,

होली खेले नंदलाला, बिरज में होली खेले नंदलाला,

चढ़ गए कान्हा ऊंची अटारी, चढ़ गए कान्हा ऊंची अटारी,

भर भर मारे कान्हा पिचकारी,भर भर मारे कान्हा पिचकारी,

अरे बच ना पाई कोई बाला, बिरज में होली खेले नंदलाला ,

होली खेले नंदलाला ,बिरज में होली खेले नंदलाला

4.भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम

अरा रा रा रा रा रा रा ….

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्या,

फाग मचायो श्याम सखी री फाग मचायो श्याम,

फाग मचायो श्याम सखी री फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम

बरसाने की गली रंगीली ,

लठ लायी सखी छेल छबिली,

संग ठाडी संग ठाडी संग ठाडी,

भानु दुलारी है,

फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम,

फाग मचायो श्याम सखी री फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम ॥

कान्हा संग ग्वालो की टोली ,

अबीर गुलाल से भरके झोली,

ओ रंग कीनी रंग कीनी रंग कीनी,

सब ब्रज नारी है,

फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम,

फाग मचायो श्याम सखी री फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम

भीगे लेहंगा चूनर साड़ी ,

मिल सखियन ने ले लठ मारी,

ओ ढ़ाल ग्वालो ने ढ़ाल ग्वालो ने ढ़ाल ग्वालो ने,

सिर पे धारी है,

फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम,

फाग मचायो श्याम सखी री फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम

फाग मचायो श्याम सखी री फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम

फाग मचायो श्याम सखी री फाग मचायो श्याम,

अरा रा रा रा भर पिचकारी मारी है फाग मचायो श्याम

5.आयो नंदगांव से होली खेलन नटवर नंद किशोर

आयो नंदगांव से होली खेलन नटवर नंद किशोर

आयो नंदगांव से होली खेलन नटवर नंद किशोर

नटवर नंद किशोर, आयो छलिया मखन चोर

आयो राधे राधे, आयो राधे राधे, आयो राधे राधे

आयो नंदगांव से होली खेलन नटवर नंद किशोर

आयो नंदगांव से होरी खेलन नटवर नन्द किशोर

नटवर नन्द किशोर छलिया माखन चोर

संग में ग्वाल बाल मस्ताने, रबड़ी टिकिया घोटे छाने

सजे स्वांग में ढप मनमाने

बने सखा पर लगे जनाने

भेट गुलाल हाथ पिचकारी, छाए रहे चहुं ओर

आयो नंदगांव से होरी खेलन नटवर नन्द किशोर

नटवर नन्द किशोर छलिया माखन चोर

संघ झांझ ढप ढोल बजावत

तरह-तरह की गारी गावत

होली है, होली है शोर मचावत

अबीर गुलाल उड़ावत लावत भर भर बोर

आयो राधे राधे, आयो राधे राधे, आयो राधे राधे

आयो नंदगांव से होरी खेलन नटवर नन्द किशोर

नटवर नन्द किशोर छलिया माखन चोर

भीखम सखा फाग नहीं पावे

पकड़ जनानौ साज सजावे

घेर सकल सब नाच नचावे

इत में घेरूं गली रंगीली, उत्त साकली खोल

आयो राधे राधे, आयो राधे राधे, आयो राधे राधे

आयो नंदगांव से होरी खेलन नटवर नन्द किशोर

नटवर नन्द किशोर छलिया माखन चोर

यह है नंद गांव के पंडा

गाय चरावे बीने कांडा

आए लिन्हे ढाल प्रचंडा

झंडा छीन लगाओ डंडा, कर देओ भांडा फोड़

आयो राधे राधे, आयो राधे राधे, आयो राधे राधे

आयो नंदगांव से होरी खेलन नटवर नन्द किशोर

नटवर नन्द किशोर छलिया माखन चोर

आयो राधे राधे, आयो राधे राधे, आयो राधे राधे

आयो नंदगांव से होरी खेलन नटवर नन्द किशोर

नटवर नन्द किशोर छलिया माखन चोर

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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