अध्यात्म

Sakat Chauth 2023 Date: 10 या 11 जनवरी? किस दिन है सकट चौथ व्रत, जानें सही डेट

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Dec 29, 2022, 12:50 PM IST

Sakat Chauth (Sankashti Chaturthi) 2023 Date, Time, Muhurat: हिंदू धर्म में सकट चौथ व्रत का खास महत्व माना जाता है। जानें जनवरी में किस तारीख को ये व्रत पड़ रहा है।

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Sakat Chauth 2023: सकट चौथ व्रत 2023 कब है?

Sakat Chauth (Ganesh Chaturthi) 2023 Date And Time: सनातन धर्म में सकट चौथ व्रत का खास महत्व माना जाता है। ये व्रत महिलाएं मुख्य रूप से अपनी संतान के लिए रखती हैं। इस व्रत में भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। नए साल 2023 में सकट चौथ का व्रत 10 जनवरी को पड़ रहा है। इस दिन महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं यानी अन्न और जल कुछ भी ग्रहण नहीं करती हैं। फिर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपना व्रत पूरा करती हैं। कुछ महिलाएं इस व्रत में तारों को अर्घ्य देती हैं।

सकट चौथ 2023 डेट और शुभ मुहूर्त | Sakat Chauth 2023 Date, Muhurat

सकट चौथ व्रत माघ माह की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस बार ये तिथि 10 जनवरी 2023 को दोपहर 12 बजकर 9 मिनट पर प्रारंभ होगी, जो 11 जनवरी 2023 दोपहर 02 बजकर 31 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, सकट चौथ का व्रत 10 जनवरी को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 41 मिनट पर रहेगा।

सकट चौथ पूजा विधि | Sakat Chauth Puja vidhi

सकट चौथ वाले दिन चौकी पर मिट्टी से गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें। उनके पास में मां लक्ष्मी जी की भी मूर्ति रखें। भगवान गणेश को पुष्प, दूर्वा, मोदक आदि अर्पित करें। फिर श्री गणेश के मंत्र “वक्रतुण्ड महाकाय” का जाप करते हुए उन्हें 21 दुर्वा अर्पित करें। इस दिन गणेश जी को भोग के लिए तिल और गुड़ के लड्डू चढ़ाएं जाते हैं। फिर सकट चौथ व्रत कथा सुनें। गणेश जी की आरती करें। रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर सकट चौथ व्रत संपन्न करें।

सकट चौथ व्रत का महत्व | Sakat Chauth Significance

पौराणिक कथाओं अनुसार माघ माह में पड़ने वाली चतुर्थी के दिन ही भगवान गणेश ने भगवान शिव और माता पार्वती की परिक्रमा की थी। इसलिए सभी चतुर्थी तिथियों में से इस चतुर्थी का खास महत्व माना जाता है। महिलाएं सकट चौथ का उपवास रखकर अपने सुखी वैवाहिक जीवन के साथ-साथ संतान की लंबी उम्र की भी प्रार्थना करती हैं। सकट चौथ पर गणेशजी के साथ माता सकट की भी पूजा की जाती है।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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