अध्यात्म

चाणक्य नीति: अच्छा मित्र वही है जो इन परिस्थितियों में हमें कभी नहीं त्यागे

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated May 12, 2023, 10:12 AM IST

Chanakya Niti In Hindi: चाणक्य नीति अनुसार सच्चा मित्र वही है जो कुछ विशेष परिस्थितियों में अपने दोस्त को कभी न त्यागे। जानिए वो कौन सी परिस्थितियां हैं।

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Chanakya Niti In Hindi: जानें चाणक्य नीति अनुसार सच्चे मित्र की पहचान कैसे करें

Chanakya Niti In Hindi: चाणक्य नीति आचार्य चाणक्य द्वारा रचित एक नीति ग्रंथ है। जिसमें मानव जीवन को सफल बनाने के लिए कई जरूरी बातें बताई गई हैं। चाणक्य नीति शास्त्र में धर्म, न्याय, मित्रता, राजनीति, परिवार, संस्कृति और शिक्षा जीवन के हर एक पहलुओं के बारे में खुलकर बताया गया है। व्यक्ति को किस परिस्थिति में कैसा स्वभाव करना चाहिए इसकी जानकारी चाणक्य नीति में मिलती है। यहां आप जानेंगे चाणक्य की मित्रता से संबंधित नीतियों के बारे में। जानिए चाणक्य अनुसार अच्छा मित्र कौन होता है।

चाणक्य नीति अनुसार सच्चा मित्र वही है जो कुछ विशेष परिस्थितियों में अपने दोस्त को कभी न त्यागे। जो मित्र आवश्यकता पड़ने पर, किसी दुर्घटना के समय, अकाल पड़ने पर, युद्ध की स्थिति में, किसी कारण राजा के दरबार जाना पड़े तब और समशान घाट में जाने पर.. अगर इन सभी परिस्थितियों में आपका दोस्त आपके साथ खड़ा है तो समझिए वही आपका सबसे अच्छा और सच्चा मित्र है।

आज के समय के हिसाब से इसको समझें तो ऐसा मित्र जो आपके साथ हर परिस्थिति में खड़ा रहे। चाहे आपको कैसी भी जरूरत पड़े तो वो आपका सच्चा मित्र माना जाएगा। इसी तरह अगर आपके जीवन में कोई दुर्घटना हो गई है और आपका मित्र आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है तो वो आपका सच्चा मित्र है। अगर आप शत्रुओं से घिरे हैं और मित्र आपकी मदद के लिए तैयार है तो वो एक सच्चा दोस्त है।

अगर आपके घर-परिवार में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो गई है और इस दुख की घड़ी में आपका मित्र आपके साथ खड़ा रहे तो उससे सच्चा मित्र आपका कोई नहीं हो सकता। क्योंकि मतलबी मित्र इस दुख की घड़ी में आपका साथ छोड़ देगा लेकिन एक सच्चा मित्र आपके सुख में भले ही साथ न रहे लेकिन दुख में कभी आपको अकेला नहीं छोड़ेगा।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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