Ram Navami Katha In Hindi (राम नवमी कथा): राम नवमी का त्योहार हर सनातनी के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन उनके प्रभु श्री राम का जन्म हुआ था। इस शुभ अवसर पर जगह-जगह रामायण का पाठ किया जाता है। भक्तजन अपने घर पर श्री राम जी की विधिवत पूजा करते हैं और हवन पूजन भी करते हैं। कई लोग इस दिन कन्याओं को भोजन भी खिलाते हैं। यहां हम जानेंगे राम नवमी का त्योहार क्यों मनाया जाता है और इसकी पौराणिक कथा क्या है।
राम नवमी कथा (Ram Navami Katha)
पौराणिक कथा के अनुसार अयोध्या के महाराज दशरथ को पुत्र रत्न की प्राप्ति नहीं हो रही थी। तब उन्होंन अपने गुरु महर्षि वशिष्ठ के कहे अनुसार एक महायज्ञ आयोजित किया। महाराज ने इस यज्ञ में सभी यशस्वी ऋषि-मुनियों को बुलाया। यज्ञ के समापन के बाद महाराज दशरथ ने सभी ऋषि और पंडितों को धन-धान्य का दान कर विदा किया। यज्ञ से प्राप्त प्रसाद को राजा दशरथ ने अपनी तीनों रानियों के बीच वितरित कर दिया। तत्पश्चात यज्ञ के पुण्य फल से तीनों रानियों ने गर्भ धारण किया।
सबसे पहले माता कौशल्या ने एक पुत्र को जन्म दिया। ये बालक कोई और नहीं बल्कि श्री विष्णु के सप्तम अवतार भगवान राम ही थे। माता कौशल्या के बाद माता कैकयी और माता सुमित्रा ने भी शुभ नक्षत्रों में अपने-अपने पुत्रों को जन्म दिया। माता कैकयी से भरत हुए तो वहीं माता सुमित्रा के दो पुत्र हुए एक लक्ष्मण और एक शत्रुघ्न।
अयोध्या वासियों को जैसे ही राजकुमारों के जन्म का समाचार मिला तो पूरी नगरी में खुशियों और उत्साह की लहर दौड़ गई। भगवान श्री राम ने अपने जीवन काल में अनेकों महान और धर्म परायण कार्य किये। विवाह के बाद भगवान श्रीराम अपने पिता की आज्ञा अनुसार पत्नी सीता और अनुज लक्ष्मण समेत वनवास स्वीकार किया जहां प्रभु ने अत्याचारी रावण का संहार किया।
