अध्यात्म

राम नवमी क्यों मनाई जाती है, जानिए क्या है इसका इतिहास

Ram Navami Kyu Manate In Hindi (राम नवमी क्यों मनाते हैं): राम नवमी का त्योहार चैत्र नवरात्रि के नौवे दिन मनाया जाता है। इस साल ये त्योहार 6 अप्रैल को पड़ रहा है। जानिए इस दिन क्या हुआ था।

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Ram Navami Kyu Manate Hai

Ram Navami Kyu Manate In Hindi (राम नवमी क्यों मनाते हैं): राम नवमी हिंदुओं का एक प्रसिद्ध त्योहार है जो चैत्र शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। इसे राम जन्मोत्सव के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान राम ही नहीं बल्कि मां दुर्गा की भी पूजा का भी विशेष महत्व माना गया है। कहते हैं भगवान राम ने रावण पर विजय प्राप्त करने से पहले मां दुर्गा की उपासना की थी। इसलिए राम नवमी के दिन मां दुर्गा की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है। बता दें इस साल राम नवमी 6 अप्रैल को मनाई जाएगी। चलिए जानते हैं क्यों मनाया जाता है ये त्योहार।

राम नवमी कब है 2025 (Ram Navami 2025 Date And Time)

राम नवमी का त्योहार इस साल 6 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान राम की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:08 से दोपहर 01:39 बजे तक रहेगा।

राम नवमी क्यों मनाते हैं (Ram Navami Kyu Manate Hai)

धार्मिक मान्यताओं अनुसार राम नवमी के दिन भगवान राम का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन को भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भगवान राम, भगवान विष्णु के सातवें अवतार माने जाते हैं। शास्त्रों अनुसार श्री राम का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मध्याह्न काल में हुआ था, जो कि हिन्दु काल गणना के अनुसार दिन के मध्य का समय होता है। इसलिए ही राम नवमी पूजा के लिए मध्याह्न का समय सर्वाधिक शुभ होता है।

राम नवमी पर क्या करना चाहिए (Ram Navami Par Kya Karna Chahiye)

इस दिन घर में विधि विधान भगवान राम की पूजा करनी चाहिए। इस दिन व्रत करने का भी विशेष महत्व होता है। इसके अलावा राम नवमी के दिन पवित्र नदियों में स्नान करना भी बेहद पुण्य का काम माना जाता है। स्नान करने के बाद दान भी जरूर करना चाहिए। इस दिन प्रभु को पीले फूल अर्पित करने चाहिए। संभव हो तो पूजा के दौरान राम चालीसा का पाठ जरूर करें।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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