अध्यात्म

Ram Mandir Timeline: राम मंदिर पर फहराई सनातन के गौरव की ध्वजा, देखें सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ध्वजारोहण तक- 6 साल में कब क्या हुआ

Ram Mandir Timeline of Events (अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें): अयोध्या में राम मंदिर सनातन धर्म का गौरव है। लेकिन इस मंदिर के निर्माण की यात्रा कठिन और लंबी रही है। यहां देखें राम मंदिर के निर्माण से जुड़े इवेंट्स की टामइलाइन। राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लेकर राम लला की प्राण प्रतिष्ठा और 25 नवंबर को ध्वजारोहण तक - कब क्या हुआ।

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राम मंदिर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें

Ram Mandir Timeline of Events (अयोध्या के राम मंदिर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें): 25 नवंबर 2025 को अयोध्या के राम मंदिर में 10 फुट चौड़े और 20 फुट लंबे तिकोने ध्वज को फहराने का कार्यक्रम पूरा हो चुका है। सूर्य, ओम और कोविदार वृक्ष के प्रतीकों से सजी यह ध्वजा त्याग और समर्पण के साथ सनातन के गौरव का प्रमाण बन चुकी है। इसी के साथ अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य औपचारिक तौर पर पूर्ण तो हो गया लेकिन इस कार्य की यह यात्रा बहुत कठिन और लंबे इंतजार वाली रही है।

लंबे धार्मिक विवाद और वर्षों चली न्यायिक लड़ाई के बाद जब राम मंदिर निर्माण का फैसला आया तो राम मंदिर की स्थापना पर हर सनातनी की आंखें नम हो गईं थीं। यहां देखें राम मंदिर निर्माण से जुड़ी महत्वपूर्ण तारीखें। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लेकर प्राण प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण तक - 9 नवंबर 2019 से 25 नवंबर 2025 के बीच छह साल में कब क्या हुआ।

राम मंदिर निर्माण में अहम योगदान

9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर केंद्र सरकार ने 5 फरवरी 2020 को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से एक ट्रस्ट का गठन किया। 15 सदस्यों वाली इस संस्था ने मंदिर निर्माण, प्रबंधन और अनुष्ठानों की अहम जिम्मेदारी संभाली है। रामकथा में जिस तरह नंदीग्राम में भरत जी ने भगवान राम के आदर्शों और मर्यादा की रक्षा की थी, उसी तरह यह ट्रस्ट भी मंदिर निर्माण की मर्यादा, परंपरा और पारदर्शिता का संरक्षक बना हुआ है।

Ram Janmabhoomi

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राम मंदिर निर्माण की टाइमलाइन - Ram Mandir Timeline of Events

9 नवंबर 2019 : सुप्रीम कोर्ट का फैसला

9 नवंबर 2019 को ही सुप्रीम कोर्ट ने दशकों पुराने मामले पर स्पष्ट निर्णय जन्मभूमि पर राम मंदिर के निर्माण के लिए दिया। यह निर्णय ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्यों को आधार बनाते हुए दिया गया।

5 फरवरी 2020 : ट्रस्ट का गठन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 फरवरी 2020 को लोकसभा में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से एक ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी। 15 सदस्यों वाली इस संस्था ने मंदिर निर्माण, प्रबंधन और अनुष्ठानों की अहम जिम्मेदारी संभाली है।

5 अगस्त 2020 : भूमि पूजन

5 अगस्त 2020 को राम मंदिर के लिए भूमि-पूजन का कार्यक्रम आयोजन हुआ। यह न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का सम्मान था। शंखनाद, मंत्रोच्चार और पवित्र विधियों ने इस क्षण को ऐतिहासिक और आध्यात्मिक बना दिया था।

22 जनवरी 2024 : प्राण प्रतिष्ठा

2020 में भूमि पूजन के बाद साल 2024 तक मंदिर निर्माण तेजी से आगे बढ़ा। जिसके बाद 22 जनवरी 2024 को भव्य राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की गई।

5 जून 2025: राम दरबार की स्थापना

5 जून 2025 को राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। इस दिन भगवान राम के राजा के रूप में विराजमान होने वाले प्रतिमाओं के साथ लक्ष्मण जी एवं अन्य सात देवी-देवताओं की मूर्तियों की भी प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी।

25 नवंबर 2025 : ध्वजारोहण

25 नवंबर 2025 को मार्गशीर्ष के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के मुख्य शिखर पर धर्म ध्वज फहराकर राम मंदिर की निर्माण यात्रा को पूर्ण किया।

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राम मंदिर पर लगे ध्वज की विशेषताएं

राम मंदिर के शिखर पर फहराए गए ध्वज की विशेषताएं?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अयोध्या के श्रीराम मंदिर के शिखर पर फहराई गए ध्वज की ऊंचाई 21 फीट और चौड़ाई 11 फीट है। इस ध्वज को फहराने के लिए लगाए गए ध्वजदंड की ऊंचाई 41 फीट है। यह ध्वजा भगवान राम के विजय, शक्ति और संरक्षण के संदेश को दर्शाती है। ध्वज पर तीन मुख्य चिह्न सूर्य, ऊँ, और कोविदार वृक्ष अंकित हैं। जिसे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने संयुक्त रूप से फहराया।

इस तरह राम मंदिर निर्माण की यह यात्रा केवल एक निर्माण-कार्य नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया, ऐतिहासिक साक्ष्य, सांस्कृतिक पहचान और भारत की आत्मा में बसी रामकथा का संगम है।

gulshan kumar
गुलशन कुमार author

गुलशन कुमार टाइम्स नाउ हिंदी डिजिटल के हेल्थ सेक्शन से जुड़े हैं। फिटनेस और योग के प्रति उनकी रुचि उन्हें हेल्थ जर्नलिज्म की ओर लेकर आई, जहां वे आम लो... और देखें

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