भगवान राम भोग
Ram Ji Ko Kya Pasand Hai: मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी, यानी श्रीराम-सीता के विवाह की तिथि बेहद ही पावन पर्व है। 25 नवंबर 2025 को यह पर्व मनाया जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीराम और माता सीता की पूजा करने से सभी प्रकार की परेशानियों का अंत हो जाता है। इसके साथ ही इस दिन आप भगवान श्रीराम को पंसद भोग भी अर्पित कर सकते हैं। वाल्मीकि रामायण, पद्म पुराण, आनंद रामायण और भक्तमाल में श्रीराम को प्रिय भोगों का स्पष्ट उल्लेख है। इनमें से कोई भी एक या सभी भोग विवाह पंचमी पर अर्पित करने से रामजी बहुत शीघ्र प्रसन्न होते हैं और दांपत्य सुख, संतान सुख और वैवाहिक जीवन में मधुरता का आशीर्वाद देते हैं। आइए जानते हैं कि भगवान श्रीराम को किन चीजों का भोग लगाएं।
पंचामृत रामजी को सबसे प्रिय भोग माना जाता है, जो दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बनता है। विवाह पंचमी पर इसे राम दरबार में अर्पित करने से वैवाहिक जीवन में पवित्रता, सुख और समृद्धि आती है। मान्यता है कि यह भोग राम-सीता के दिव्य मिलन का प्रतीक है और दांपत्य बंधन को मजबूत बनाता है। छोटे कटोरे में सजाकर तुलसी पत्र डालें और प्रसाद रूप में परिवार को बांटें।
खीर का भोग विवाह पंचमी पर राम-सीता को अर्पित करना अत्यंत शुभ है। दूध, चावल, चीनी और इलायची से बनी इस खीर का भोग लगाने के धन संबंधी समस्याओं को दूर होती हैं और जीवन में समृद्धि लाती हैं। इसका भोग भी तुलसी दल डालकरलगाएं, फिर पति-पत्नी साथ ग्रहण करें। इससे रिश्ते में प्रेम बढ़ता है और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। कई मंदिरों में इस दिन खीर का ही विशेष भोग चढ़ाया जाता है।
भगवान श्रीराम को केसर भात बहुत पसंद है। इसे चावल, केसर, चीनी और घी से बनाकर अर्पित करें। विवाह पंचमी पर यह भोग लगाने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और हर बाधा दूर होती है। केसर का पीला रंग रामजी की तेज और वीरता का प्रतीक है, जो दांपत्य सुख को बढ़ाता है। अविवाहित कन्याओं के लिए यह भोग विवाह योग बनाने में विशेष फलदायी है।
विवाह पंचमी पर राम-सीता को गुड़ से बनी चीजें जैसे गुड़ की रेवड़ी या गुड़ का हलवा अर्पित करना चाहिए। यह भोग सात्विक और सरल है, जो आर्थिक तंगी दूर करने में चमत्कारी माना जाता है।
पीले रंग की मिठाई जैसे बेसन के लड्डू या पीली खीर रामजी को प्रिय है। विवाह पंचमी पर इसे अर्पित करने से सौभाग्य और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। पीला रंग लक्ष्मी कृपा का प्रतीक है, जो राम-सीता के विवाह से जुड़ा है। मिठाई में थोड़ी केसर या हल्दी मिलाकर भोग लगाएं, इससे रिश्ते में मधुरता और समृद्धि बनी रहती है।
भगवान श्रीराम को भोग में तुलसी सबसे ज्यादा प्रिय है। जब भी भगवान राम को भोग लगाएं तो तुलसी उसमें जरूर सम्मिलित करें। बिना तुलसी के भगवान श्रीराम को भोग अर्पित नहीं करना चाहिए।
इस दिन सुबह स्नान करके पूजा स्थल सजाएं। राम-सीता की प्रतिमा स्थापित करें। इसके साथ ही प्रेम से श्रीराम और सीता जी को भोग अर्पित करें। उनको हल्दी, अक्षत, फूल, धूप और नैवेद्य चढ़ाएं। इसके साथ ही ‘ॐ जानकी वल्लभाय नमः’ या ‘ॐ राम जय राम जय जय राम’ का 108 बार जप करें। आरती करें और प्रसाद बांटें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।