Amit Shah Targets Rahul Gandhi: एसआइआर प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे कथित झूठे प्रचार के खिलाफ तेलंगाना बीजेपी ने पदयात्रा निकाला। इस पदयात्रा में गृह मंत्री अमित शाह भी शिरकत की। इसके बाद अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी और विपक्षी इंडी गठबंधन के नेताओं द्वारा आयोजित मॉक पार्लियामेंट पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, "राहुल जी, मेरी बात सुनिए। दो दिन पहले आपने एक मॉक पार्लियामेंट की थी। अगर आपने मुझसे पूछा होता, तो मैं कहता कि आप इस मॉक पार्लियामेंट में कम से कम एक बार प्रधानमंत्री बन जाएं, बिना विपक्ष का नेता बने। क्यों? क्योंकि आप असली पार्लियामेंट में कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे। कम से कम अगर आप मॉक पार्लियामेंट में प्रधानमंत्री बन जाते हैं, तो सोनिया जी के दिल को थोड़ी शांति मिलेगी।" "राहुल जी, आप इस तरह से चुनाव नहीं जीत सकते। आप तीन या चार महीने देश में बिताते हैं और फिर विदेश चले जाते हैं। आपको देश में पसीना बहाना होगा। आपको लोगों के साथ एकजुट होकर उनकी समस्याओं को हल करने के लिए काम करना होगा।"
अमित शाह ने आगे कहा कि देश की संसद के जरिए संविधान की जिम्मेदारियां निभाई जाती हैं, लेकिन राहुल जी, आप संसद को चलने नहीं देते। मैं आज हैदराबाद की धरती से आपको चुनौती देता हूं। हम संसद का स्पेशल सेशन बुलाने के लिए तैयार हैं। आइए और चर्चा में हिस्सा लीजिए। लेकिन वह चर्चा में हिस्सा नहीं लेंगे क्योंकि उन्हें पता है कि सिर्फ अराजकता और अव्यवस्था के ज़रिए ही कांग्रेस पार्टी खुद को खबरों में रख सकती है। अगर संसद चलेगी, तो हमारे मोदी जी उनकी बातों को पूरी तरह से खत्म कर देंगे।
उन्होंने आगे कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी खुद वेंटिलेटर पर है। क्या यह वेंटिलेटर पार्टी मोदी जी के साथ मैराथन दौड़ सकती है? राहुल जी, मोदी जी को भूल जाइए। मेरे तेलंगाना युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी आपको हरा देंगे।"
क्या था मॉक पार्लियामेंट का एजेंडा?
बता दें कि कांग्रेस और विपक्षी इंडी गठबंधन ने 31 अक्टूबर 2026 को मॉक पार्लियामेंट इसलिए बुलाई थी, ताकि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जनता की अदालत में प्रतीकात्मक महाभियोग चलाया जा सके। इसके जरिए विपक्ष चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और SIR यानी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर सवाल उठाना चाहता था।
