Rahu Kab Shubh Fal Deta hai : ज्योतिष में राहु को एक रहस्यमयी और छाया ग्रह माना जाता है, लेकिन यह हमेशा अशुभ ही हो, ऐसा नहीं है। सही स्थिति में बैठा राहु व्यक्ति को जमीन से उठाकर आसमान तक पहुंचा सकता है। यह अचानक धन, बड़ी सफलता, राजनीति में नाम और समाज में पहचान दिलाने वाला ग्रह भी माना जाता है। खासतौर पर कुंडली के कुछ भाव ऐसे होते हैं, जहां राहु बैठकर ‘राजा’ जैसा जीवन दे सकता है। आइए जानते हैं कि कुंडली के वे कौन से भाव हैं, जहां राहु शुभ फल देता है।
तीसरे भाव में राहु (3rd House Rahu Effect)
कुंडली का तीसरा भाव पराक्रम, साहस और कम्युनिकेशन का होता है। इस भाव में राहु बैठकर व्यक्ति को बेहद निडर, साहसी और जोखिम लेने वाला बना देता है। ऐसे लोग नई सोच के साथ आगे बढ़ते हैं और भीड़ से अलग काम करने की क्षमता रखते हैं।इस स्थिति में राहु व्यक्ति को मीडिया, मार्केटिंग, पॉलिटिक्स और बिजनेस जैसे क्षेत्रों में बड़ी सफलता दिला सकता है। अचानक मौके मिलते हैं और व्यक्ति तेजी से आगे बढ़ता है। यह राहु व्यक्ति को खुद के दम पर नाम और पैसा कमाने वाला बनाता है।
छठे भाव में राहु (6th House Rahu Effect)
छठा भाव राहु के लिए सबसे शुभ माना जाता है। यह भाव शत्रु, रोग और कर्ज से जुड़ा होता है। यहां बैठा राहु व्यक्ति को हर तरह की बाधाओं से लड़ने की ताकत देता है। ऐसे लोग अपने दुश्मनों पर आसानी से जीत हासिल करते हैं और प्रतियोगिता में आगे रहते हैं। नौकरी, प्रतियोगी परीक्षा और सरकारी क्षेत्र में बड़ी सफलता मिल सकती है। यह राहु व्यक्ति को “फाइटर” बनाता है, जो किसी भी स्थिति में हार नहीं मानता और अंत में जीत हासिल करता है।
दसवें भाव में राहु (10th House Rahu Effect)
दसवां भाव करियर, प्रतिष्ठा और कर्म का होता है। इस भाव में राहु बैठकर व्यक्ति को बहुत बड़ी पहचान दिला सकता है। यह स्थिति खासतौर पर राजनीति, फिल्म इंडस्ट्री, मीडिया और बड़े बिजनेस से जुड़े लोगों के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। राहु यहां व्यक्ति को ग्लैमर, प्रसिद्धि और ऊंचा पद दिलाता है। ऐसे लोग अपने काम के जरिए समाज में अलग पहचान बनाते हैं और अचानक बड़े अवसर पाते हैं।
ग्यारहवें भाव में राहु (11th House Rahu Effect)
ग्यारहवां भाव लाभ और इच्छाओं की पूर्ति का होता है। इस भाव में राहु बैठकर व्यक्ति को अचानक धन लाभ दिलाता है। यह राहु व्यक्ति की इनकम को बढ़ाता है और नए-नए स्रोतों से पैसा आने के योग बनाता है। शेयर मार्केट, बिजनेस या नेटवर्किंग के जरिए बड़ा लाभ मिल सकता है। यह स्थिति व्यक्ति को “मनी मैगनेट” बना देती है, जहां उसे बार-बार आर्थिक लाभ के मौके मिलते हैं।

कुंडली चक्र
कैसे देंखे कुंडली के भाव?
सबसे पहले आपको ऑनलाइन या किसी भी एप से कुंडली निकाल लेनी है। जिसमें आपको लग्न कुंडली देखनी है। इसमें आपको ऊपर फोटो में 12 खाने दिखाई देंगे। फोटो में जिस भाव में जो नंबर लिखा है, वह राशि का नंबर होता है।
किस राशि का है कौन सा नंबर यहां देखें
| क्रमांक | राशि (Hindi) | Zodiac Sign (English) |
|---|---|---|
| 1 | मेष | Aries |
| 2 | वृषभ | Taurus |
| 3 | मिथुन | Gemini |
| 4 | कर्क | Cancer |
| 5 | सिंह | Leo |
| 6 | कन्या | Virgo |
| 7 | तुला | Libra |
| 8 | वृश्चिक | Scorpio |
| 9 | धनु | Sagittarius |
| 10 | मकर | Capricorn |
| 11 | कुंभ | Aquarius |
| 12 | मीन | Pisces |
किन राशियों के लिए राहु देता है ज्यादा शुभ फल (Rahu Lucky Zodiac Signs)
राहु का प्रभाव राशि के अनुसार भी बदलता है। कुछ राशियों में राहु का प्रभाव ज्यादा अच्छा माना जाता है। मिथुन राशि में राहु को उच्च का माना जाता है, इसलिए यहां यह सबसे अच्छे परिणाम देता है। ऐसे लोग तेज दिमाग, कम्युनिकेशन स्किल और बिजनेस माइंड के कारण तेजी से आगे बढ़ते हैं। वृषभ और तुला राशि में भी राहु अच्छा फल देता है, क्योंकि ये शुक्र की राशियां हैं और राहु-शुक्र का आपसी संबंध भौतिक सुख-सुविधाओं और धन को बढ़ाता है। इन राशियों के लोग लग्जरी लाइफ और आर्थिक सफलता हासिल कर सकते हैं। कुंभ राशि में राहु का प्रभाव आधुनिक सोच और टेक्नोलॉजी से जुड़े क्षेत्रों में सफलता दिला सकता है। ऐसे लोग नई सोच और इनोवेशन के जरिए बड़ा नाम कमा सकते हैं।
राहु इन भावों में देता है अशुभ प्रभाव (Rahu Ke Ashubh Prabhav)
राहु अच्छी स्थिति में बड़ा लाभ देता है, लेकिन कुछ भावों में इसकी स्थिति चुनौतीपूर्ण भी मानी जाती है। प्रथम भाव में राहु मानसिक भटकाव, गलत फैसले और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं दे सकता है, जिससे व्यक्ति अंदर से अस्थिर महसूस करता है। चतुर्थ भाव में यह घर-परिवार का सुख कम करता है और मानसिक तनाव बढ़ा सकता है। पंचम भाव में राहु शिक्षा में रुकावट, संतान से जुड़ी परेशानियां और प्रेम संबंधों में धोखा दिला सकता है। सप्तम भाव में यह वैवाहिक जीवन में कलह, आपसी विश्वास की कमी और रिश्तों में दूरी ला सकता है। नवम भाव में राहु भाग्य का साथ कम कर देता है और व्यक्ति धर्म-कर्म से दूर हो सकता है। वहीं द्वादश भाव में इसकी स्थिति अत्यधिक खर्च, अनिद्रा, डर और अनजानी चिंताओं को बढ़ा सकती है, जिससे व्यक्ति मानसिक रूप से परेशान रह सकता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
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