Pushkar Kumbh 2025: पुष्कर कुंभ का आयोजन 12 साल में एक ही बार होता है। ये कुंभ तब लगता है जब बृहस्पति मिथुन राशि में प्रवेश करते हैं। इस साल बृहस्पति ग्रह का इस राशि में गोचर 14 मई 2025 की रात 11:20 पर शुरू होगा और इसके अगले दिन से यानी 15 मई से पुष्कर कुंभ शुरू हो जाएगा जो 25 मई तक चलेगा। इस कुंभ को लेकर बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर की समिति ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जानिए इस कुंभ के बारे में खास बातें।
पुष्कर कुंभ 2025
पुष्कर कुंभ का आयोजन बद्रीनाथ धाम के पास माणा गांव में सरस्वती नदी पर हो रहा है। इस मौके पर दक्षिण भारत से तमाम आचार्य ज्ञान की प्राप्ति के लिए यहां पहुंचेंगे। दरअसल ऐसा कहा जाता है कि दक्षिण भारत के प्रमुख आचार्य जैसे प्रसिद्ध शंकराचार्य रामानुजाचार्य और माधवाचार्य हुए। जिन्होंने इसी पावन स्थान सरस्वती नदी पर माता सरस्वती से ज्ञान की प्राप्ति की। यही परंपरा आज तक निभाई जा रही है। शंकराचार्य की परंपराओं को जीवित रखने के लिए और ज्ञान की प्राप्ति के लिए दक्षिण भारत के प्रमुख आचार्य आज भी पुष्कर कुंभ के समय यहां आते हैं।
पुष्कर कुंभ के दौरान दक्षिण भारत से प्रमुख आचार्य केशव प्रयाग में स्नान और पूजा पाठ के लिए पहुंचते हैं। पहले कुछ ही श्रद्धालु यहां पहुंचते थे लेकिन वर्ष 2013 से श्रद्धालु यहां जत्थे के साथ पहुंच रहे हैं। ऐसा भी कहा जाता है कि वेदव्यास जी ने यहां केशव प्रयाग में अपनी तपस्या के दौरान महाभारत की रचना की थी। जानकारी अनुसार पुष्कर कुंभ की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके लिए सड़कों को ठीक किया जा रहा है। वहीं ऑनलाइन बुकिंग भी हो रही है।
