Premanand Ji Maharaj Darshan Time (11 April 2026): वृंदावन में श्री प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के लिए हर दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यदि आप 11 अप्रैल 2026, शनिवार को महाराज जी के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं, तो समय से पहले पहुंचें। शनिवार को प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना होती है। यदि आप भी इस दिव्य अनुभव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो पूरे शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। आपको पहले से पूरा शेड्यूल जान लेना जरूरी है, ताकि आप बिना किसी असुविधा के इस आध्यात्मिक अनुभव का लाभ उठा सकें। आइए जानते हैं कल कितने बजे और कहां होंगे प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन?
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू होती है भक्ति की धारा
केली कुंज आश्रम में आध्यात्मिक वातावरण की शुरुआत तड़के ब्रह्म मुहूर्त से हो जाती है। सुबह का समय सबसे पवित्र माना जाता है, जब भक्तजन महाराज जी के सान्निध्य में भक्ति और साधना का अनुभव करते हैं।
प्रेमानंद जी महाराज का सुबह का शेड्यूल (11 अप्रैल 2026)
- 04:15 AM – 05:45 AM: दैनिक सत्संग- इस दौरान महाराज जी के अमृतमय वचनों को सुनने का अवसर मिलता है।
- 05:45 AM – 06:30 AM: मंगला आरती एवं वन विहार- भक्ति और शांति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
- 06:30 AM – 08:15 AM: श्री राधा सुधा निधि पाठ- शनिवार को भी यह पाठ भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
- 07:00 AM – 08:00 AM: एकांतिक वार्तालाप- सीमित भक्तों को महाराज जी से व्यक्तिगत प्रश्न पूछने का अवसर मिलता है।
- 08:15 AM – 09:00 AM: श्रृंगार आरती एवं भक्त नामावली- यह समय विशेष रूप से भावपूर्ण होता है।
- 09:00 AM – 09:30 AM: राधा नाम संकीर्तन- सुबह की भक्ति यात्रा का समापन हरिनाम के साथ होता है।
केलि कुंज आश्रम में शाम का शेड्यूल
- 04:00 PM – 04:15 PM: धूप आरती
- 04:15 PM – 05:15 PM: वाणी पाठ
- 05:15 PM – 05:45 PM: सत्संग एवं चर्चा
- 05:45 PM – 06:00 PM: संध्या आरती
शाम का समय भी भक्तों के लिए अत्यंत शांत और आध्यात्मिक अनुभव से भरा होता है।
क्या 11 अप्रैल को प्रेमानंद जी महाराज के दर्शन होंगे?
अब महाराज जी वृंदावन परिक्रमा मार्ग पर नहीं आते हैं। वर्तमान में वे सौरभि कुंड वन क्षेत्र की ओर जाते हुए भक्तों को दर्शन देते हैं। सौरभि कुंड के रास्ते में दर्शन का समय सुबह लगभग 06:00 AM से 09:00 AM के बीच है। श्रद्धालु रात 01:00 बजे से ही पहुंचना शुरू कर देते हैं, खासकर शनिवार होने के कारण भीड़ अधिक रहने की संभावना है। केली कुंज आश्रम से लगभग 1 किमी दूर यह स्थान स्थित है, जहां महाराज जी कार से पहुंचकर कुछ दूरी पैदल चलते हुए भक्तों को दर्शन देते हैं।
नोट - महाराज जी का स्वास्थ्य और प्रशासनिक दिशा-निर्देश सर्वोपरि हैं। इसलिए दर्शन समय में मौके पर बदलाव संभव है। आश्रम के सूचना पटल और सेवादारों के निर्देशों का पालन अवश्य करें।
