अध्यात्म

Pradosh Vrat June 2023: जून में प्रदोष व्रत कब है? जानिए इस व्रत का महत्व

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated May 24, 2023, 05:22 PM IST

Pradosh Vrat June 2023: प्रदोष व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। ये व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जानिए जून में कब-कब रखा जाएगा प्रदोष व्रत।

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Pradosh Vrat June 2023: जून में प्रदोष व्रत कब है

Pradosh Vrat June 2023: प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। इस तरह से एक महीने में दो प्रदोष व्रत पड़ते हैं एक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को दूसरा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को। शास्त्रों में भी प्रदोष व्रत का विशेष महत्व बताया गया है। कहते हैं जो व्यक्ति त्रयोदशी के दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करता है उसके सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। भगवान शिव की पूजा के लिए प्रदोष काल का समय सबसे उत्तम माना गया है। जून महीने में 2 प्रदोष व्रत पड़ेंगे। जानिए जून में पड़ने वाले प्रदोष व्रत की डेट।

जून 2023 प्रदोष व्रत लिस्ट (June 2023 Pradosh Vrat List)

जून में पहला प्रदोष व्रत 1 जून, गुरुवार को ही रखा जाएगा। गुरुवार के दिन पहले वाले प्रदोष व्रत को गुरुवारा प्रदोष व्रत कहते हैं। वहीं दूसरा प्रदोष व्रत 15 जून को पड़ेगा। ये भी गुरुवारा प्रदोष व्रत होगा। गुरुवार प्रदोष व्रत करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होती है। जिससे हर काम में सफलता मिलती है।

प्रदोष व्रत क्यों रखा जाता है (Pradosh Vrat Kyu Rakha Jata Hai)

शिव पुराण और अन्य हिंदू धर्म ग्रंथो अनुसार प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को अपने सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत में विधि विधान शिव जी की पूजा करने से धन संबंधी दिक्कतें भी दूर हो जाती हैं। वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां भी इस व्रत के प्रभाव से दूर हो जाती हैं। इस दिन शिव जी के साथ-साथ माता पार्वती की पूजा से व्यक्ति कालसर्प दोष से मुक्त हो जाता है।

प्रदोष व्रत पूजा विधि (Pradosh Vrat Puja Vidhi)

इस दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठकर स्नान कर साफ वस्त्र धारण कर लें। इसके बाद शिव जी की पूजा करें और व्रत का संकल्प लें। फिर शाम के समय फिर से स्नान कर महादेव की पूजा करें। शिवजी को शुद्ध जल से फिर पंचामृत से स्नान कराएं और उनकी विधि विधान पूजा करें। फिर प्रदोष व्रत की कथा का पाठ करें और अंत में भगवान शिव की आरती करें।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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