अध्यात्म

Pradosh Vrat Paran Time Today 2026 (17 December): शुक्र प्रदोष व्रत का पारण कब और कैसे करें, जानिए विधि और तारीख

Pradosh Vrat Paran Time Today 2026 (प्रदोष व्रत पारण समय): आज 16 जनवरी 2026 को माघ माह के कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। माना जाता है कि बिना पारण के कोई भी व्रत पूर्ण नहीं माना जाता है। आइए जानते हैं कि माघ माह के कृष्ण पक्ष की प्रदोष व्रत का पारण किस समय पर करें।

प्रदोष व्रत का पारण कब और कैसे करें

प्रदोष व्रत का पारण कब और कैसे करें

Pradosh Vrat Paran Time Today 2026 (प्रदोष व्रत पारण समय): शुक्र प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना का विशेष दिन माना जाता है। इस व्रत में पूजा का समय जितना महत्वपूर्ण होता है, उतना ही जरूरी व्रत का सही तरीके से पारण करना भी माना जाता है। गलत समय या विधि से पारण करने पर व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है। आइए जानते हैं 16 जनवरी को रखे जाने वाले शुक्र प्रदोष व्रत का पारण कब और कैसे करें?

शुक्र प्रदोष व्रत का पारण कब किया जाएगा?

शुक्र प्रदोष व्रत का पारण हमेशा अगले दिन सुबह, यानी चतुर्दशी तिथि में किया जाता है। प्रदोष व्रत का नियम है कि व्रती सूर्यास्त के समय भगवान शिव की पूजा करता है और उसी दिन व्रत नहीं खोलता है। पूजा के बाद फलाहार किया जा सकता है, लेकिन अन्न का सेवन पारण के समय ही किया जाता है।

प्रदोष काल का महत्व

प्रदोष काल वह समय होता है, जब सूर्य अस्त होने वाला होता है। यही समय भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है। मान्यता है कि इस काल में शिव-पार्वती धरती पर विचरण करते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। 16 जनवरी 2026 को शुक्र प्रदोष व्रत के लिए प्रदोष काल का शुभ समय शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 29 मिनट तक है। इसी समय शिवलिंग का अभिषेक, मंत्र जाप और आरती की जानी चाहिए। प्रदोष व्रत का पारण 17 जनवरी 2026 को ही करें।

शुक्र प्रदोष व्रत का पारण कैसे करें?

शुक्र प्रदोष व्रत का पारण विधि-विधान से करना शुभ माना जाता है। इसकी सामान्य विधि इस प्रकार है। अगले दिन 17 जनवरी को सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। घर या मंदिर में भगवान शिव का स्मरण करें। संभव हो तो ब्राह्मणों या कन्याओं को भोजन कराएं। इसके बाद ही स्वयं अन्न ग्रहण करें। पारण के समय सात्विक और हल्का भोजन करना बेहतर माना जाता है।

क्या पूजा के बाद व्रत खोला जा सकता है?

प्रदोष व्रत में पूजा उसी दिन शाम को की जाती है, लेकिन पारण उसी रात नहीं किया जाता है। पूजा के बाद फल, दूध या हल्का फलाहार लिया जा सकता है, पर अन्न का सेवन अगले दिन सुबह ही करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सही समय और विधि से किया गया पारण व्रत के पुण्य को पूर्ण करता है।

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Mohit Tiwari
Mohit Tiwari author

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ... और देखें

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