Astrology Tips for Planting Plants:हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को पवित्र और पूजनीय मानकर पूजा की जाती है। धार्मिक दृष्टिकोण से कई पेड़-पौधों में देवताओं का वास भी होता है। शास्त्रों में भी तुलसी, पीपल, केला और बरगद जैसे पेड़-पौधे लगाने और पूजा करने का महत्व है। भविष्य पुराण में वृक्षारोपण के बारे में वर्णन किया गया है। इसके अनुसार हर व्यक्ति को अपने जीवनकाल में पेड़-पौधे जरूर लगाने चाहिए। पेड़-पौधे लगाने का फल व्यक्ति को मृत्यु पश्चात भी प्राप्त होता है और नरक का मुंह नहीं देखना पड़ता है। साथ ही कुछ ऐसे भी पेड़-पौधे होते हैं जिन्हें लगाने से पितृ प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं। जानते हैं व्यक्ति को अपने जीवन में किन पेड़-पौधों को जरूर लगाना चाहिए।
जीवनकाल में जरूर लगाएं ये 5 पेड़-पौधे
- तुलसी- तुलसी का पौधा प्रत्येक हिंदू घरों में पाया जाता है। घर पर तुलसी का पौधा होने और नियमित पूजा-पाठ करने से मां लक्ष्मी का वास होता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति अपने जीवन में तुलसी का पौधा लगाना है उसे मरणोपरांत वैकुंछ धाम की प्राप्ति होती है।
- केला- केले के पौधा भगवान विष्णु और देव बृहस्पति को अतिप्रिय होता है। केले का पौधा लगाने और इसकी पूजा करने से व्यक्ति को आर्थिक लाभ होता है।
- आंवला- हर व्यक्ति को घर पर आवंला का पौधा जरूर लगाना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार आंवला पौधे के जड़ में भगवान विष्णु का निवास होता है। इसलिए जिस घर पर यह पेड़ होता है वहां भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। वास्तु शास्त्र में भी आवंले के पेड़ को घर लगाना शुभ बताया गया है।
- करी पत्ता- करी पत्ता के पौधे को मीठा नीम भी कहा जाता है। घर पर करी पत्ता का पौधा भी लगाना शुभ माना गया है। इसकी पत्तियों में औषधीय गुण पाए जाते हैं। यदि आप नीम का पेड़ किसी कारण घर पर नहीं लगा सकते तो करी पत्ता जरूर लगाएं।
- आम- घर के आंगन में आम का पेड़ जरूर लगाना चाहिए। इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। जिस घर पर आम का पेड़ होता है वहां सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इससे पत्तियां, लकड़ी और फल का प्रयोग धार्मिक कार्यों में भी किया जाता है।
संतानोत्पत्ति के समान है वृक्षारोपण
शास्त्रों में पेड़-पौधे लगाने को संतानोत्पत्ति के समान माना गया है। साथ ही वृक्षारोपण को महादान के समान भी माना गया है। क्योंकि जब कोई व्यक्ति पेड़-पौधे लगाता है तो वह अन्य प्राणियों को इससे फल, फूल, पत्ते और छाया प्रदान कर हर समय दान करता है। इससे उसे पुण्य की प्राप्ति होती है। इसलिए वृक्षारोपण करने वाले व्यक्ति को कभी नरक मुंह नहीं देखना पड़ता है।(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
