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Tulsi Mata Ki Aarti In Hindi: तुलसी माता की आरती, जय जय तुलसी माता

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  • Updated Nov 5, 2022, 01:08 PM IST

Tulsi Vivah 2022 Aarti: तुलसी विवाह के दिन जरूर पढ़ें माता तुलसी की ये आरती।

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तुलसी माता की आरती

Tulsi Mata Ki Aarti In Hindi: हिंदू पंचांग अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवउठनी एकादशी के दिन तुलसी विवाह किए जाने का विधान है। देश के कई हिस्सों में इसके अगले दिन यानी की द्वादशी के दिन तुलसी विवाह किया जाता है। जो लोग एकादशी के दिन तुलसी विवाह करते हैं वो 4 नवंबर को ये आयोजन करेंगे वहीं जो द्वादशी के दिन तुलसी विवाह करते हैं वो 5 नवंबर को ये आयेजन करेंगे। तुलसी विवाह के दौरान तुलसी माता की इस आरती को जरूर करें।

तुलसी माता ही आरती (Tulsi Ji Aarti Lyrics)

जय जय तुलसी माता,

मैया जय तुलसी माता ।

सब जग की सुख दाता,

सबकी वर माता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

सब योगों से ऊपर,

सब रोगों से ऊपर ।

रज से रक्ष करके,

सबकी भव त्राता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

बटु पुत्री है श्यामा,

सूर बल्ली है ग्राम्या ।

विष्णुप्रिय जो नर तुमको सेवे,

सो नर तर जाता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

हरि के शीश विराजत,

त्रिभुवन से हो वंदित ।

पतित जनों की तारिणी,

तुम हो विख्याता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

लेकर जन्म विजन में,

आई दिव्य भवन में ।

मानव लोक तुम्हीं से,

सुख-संपति पाता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

हरि को तुम अति प्यारी,

श्याम वर्ण सुकुमारी ।

प्रेम अजब है उनका,

तुमसे कैसा नाता ॥

हमारी विपद हरो तुम,

कृपा करो माता ॥

॥ जय तुलसी माता...॥

जय जय तुलसी माता,

मैया जय तुलसी माता ।

सब जग की सुख दाता,

सबकी वर माता ॥

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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