Panchang 1 June 2025: आज ज्येष्ठ माह शुक्ल पक्ष खष्ठी है। दिवस रविवार है। ज्येष्ठ माह रविवार व्रत रहे। भगवान सूर्य जी की पूजा बहुत ही पुण्यदायी होती है। सूर्य उपासना करें। किसी शिव मंदिर परिसर में पीपल, बेल व आम सहित कुछ वृक्षारोपण करें। फलाहार व्रत रहें। आज दान पुण्य करने से पूर्व जन्म के पापों का शमन होता है। जल भरा घड़ा व फलों का दान करना बहुत फलित होता है । मन का निर्मल व सात्विक होना बहुत ही आवश्यक है। पढ़ें आज का पूरा पंचांग।
पंचांग 1 जून 2025
संवत- विक्रम संवत 2082
माह-ज्येष्ठ,शुक्ल पक्ष
तिथि - खष्ठी
पर्व- ज्येष्ठ रवि व्रत
दिवस- रविवार
सूर्योदय- 05:05 am
सूर्यास्त- 7:09 pm
नक्षत्र- आश्लेषा
चन्द्र राशि- कर्क, स्वामी ग्रह -चन्द्रमा
सूर्य राशि- वृष
करण- बालव
योग- ध्रुव
1 जून 2025 शुभ मुहूर्त
अभिजीत- 11:52am से 12:47 pm तक
विजय मुहूर्त- 02:23pm से 03:27pm तक
गोधुली मुहूर्त- 06:23pm से 07:23pm तक
ब्रम्ह मुहूर्त- 4:09m से 05:06am तक
अमृत काल- 06:03am से 07:42am तक
निशीथ काल मुहूर्त- रात्रि 11:42से 12:25 तक रात
संध्या पूजन- 06:22pm से 07:09pm तक
दिशा शूल- पश्चिम दिशा। इस दिशा में यात्रा से बचें। दिशाशूल के दिन उस दिशा की यात्रा करने से बचते हैं, यदि आवश्यक है तो एक दिन पहले प्रस्थान निकालकर फिर उसको लेकर यात्रा करें।
अशुभ मुहूर्त--राहुकाल-दोपहर 12 बजे से 01:30 बजे तक
आज का उपाय: घर की छत पर विहंगों को दाना -पानी दें। गौ शाला जाएं, वहां गौ माता को रोटी, गुड़, चारा, पालक इत्यादि खिलाने से अखण्ड पुण्य की प्राप्ति होती है। रविवार को श्री आदित्यह्र्दय स्तोत्र का 03 बार पाठ करने से सभी कष्ट समाप्त होते हैं। आज सूर्य व गुरु के बीज मंत्र का जप करें। एकदम नियम पूर्वक पूजा पाठ करें। आज मीठा , गुड़ ,फल व जल का दान -पुण्य अनन्त गुना फ़लदायी होता है। आज व्रत भी रख सकते हैं। बालक, वृद्ध व रोगी व्रत से बचें व केवल पूजा पाठ करें। माता -पिता का आशीर्वाद लें। रविवार को उदित सूर्य को जल दें। जल में चावल, लाल पुष्प, रोली व गुड़ अवश्य हो। सूर्योपासना से आत्मबल बढ़ता है। सूर्य आत्मा हैं। गायत्री मंत्र का जप करें।
क्या न करें- सूर्य पिता का कारक ग्रह है। किसी भी कीमत पर पिता का अपमान न करें। पिता का अपमान करने वाला कभी सूर्य पूजा का या किसी भी देवता की उपासना का फल प्राप्त नहीं कर पाता।
