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Nirjala Ekadashi Vrat Me Kya Khaye: निजला एकादशी में क्या खाना चाहिए? क्या पानी और दूध पी सकते हैं

Nirjala Ekadashi Vrat Me Kya Khana Chahiye (क्या दूध और पानी पी सकते हैं): निर्जला एकादशी व्रत में वैसे कुछ भी खाया पिया नहीं जाता है। लेकिन अगर स्वास्थ्य ठीक नहीं है या किसी कारण निर्जला व्रत रख पाना संभव नहीं है तब इस स्थिति में आप इस व्रत में कुछ खा पी सकते हैं। चलिए जानते हैं निर्जला एकादशी में क्या खाना चाहिए।

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What Can We Eat On Nirjala Ekadashi

Nirjala Ekadashi Vrat Me Kya Khana Chahiye (क्या दूध और पानी पी सकते हैं): निर्जला एकादशी व्रत बेहद कठोर माना जाता है क्योंकि इस व्रत में अन्न तो क्या जल तक भी ग्रहण नहीं किया जाता। इसलिए हर किसी के लिए ये व्रत रख पाना संभव नहीं होता। लेकिन जो कोई भी इस व्रत को नियम से रखता है उसके जीवन के सारे दुख दूर हो जाते हैं और भगवान विष्णु की असीम कृपा प्राप्त होती है। इस साल निर्जला एकादशी व्रत 18 जून को मनाया जा रहा है। जानिए निर्जला एकादशी व्रत में क्या खा सकते हैं।

Nirjala Ekadashi Vrat Me Kya Khana Chahiye (निर्जला एकादशी व्रत में क्या खाना चाहिए)

वैसे तो निर्जला एकादशी व्रत बिना जल और अन्न के रखा जाता है। लेकिन अगर किसी कारण आप निर्जला उपवास नहीं रख पा रहे हैं तब आप इस व्रत को फलाहार लेकर रह सकते हैं। इस व्रत में आप बाकी व्रतों की तरह व्रत वाला भोजन ले सकते हैं। लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि इस दिन चावल का सेवन नहीं करना है।

Can We Drink Milk On Nirjala Ekadashi (क्या निर्जला एकादशी पर दूध पी सकते हैं)

निर्जला एकादशी व्रत अगर आप निर्जला नहीं रख रहे हैं तब आप इस व्रत में दूध पी सकते हैं। इसके अलावा फलों का जूस भी पी सकते हैं।

Can We Drink Water On Nirjala Ekadashi (निर्जला एकादशी में पानी पी सकते हैं)

अगर आप निर्जला नहीं रह सकते हैं या इससे आपके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है। उस स्थिति में आप पानी पीकर ये व्रत रह सकते हैं। अन्यथा इस व्रत में अगले दिन ही पानी पिया जाता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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