How to break Nirjala Ekadashi fast (निर्जला एकादशी व्रत कैसे तोड़े): ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को निर्जला एकादशी के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। सभी एकादशी तिथियों में निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और अत्यधिक महत्व वाला माना जाता है। आज के दिन श्री विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने और सच्चे मन से बिना जल ग्रहण किए व्रत करने का बहुत लाभ होता है। जो भी जातक बिना खंडित किए इस व्रत को समाप्त कर लेता है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। हालांकि व्रत तब ही पूरा माना जाएगा, जब व्रत का समापन और पारण विधि के अनुसार हो। यहां देखें निर्जला एकादशी का व्रत कैसे तोड़े और पारण की विधि क्या है -
Nirjala Ekadashi Vrat Kaise tode, एकादशी व्रत पारण विधि
इस साल ज्येष्ठ मास की एकादशी तिथि 31 मई को मनाई जा रही है, एकादशी व्रत में सुर्योदय का बहुत महत्व होता है, इसलिए निर्जला एकादशी व्रत 31 को रखा गया है। व्रत का पारण यानी व्रत को तोड़ने की भी विधि होती है। यहां देखें -
- निर्जला एकादशी का व्रत रख रहे जातकों को अपना व्रत 1 जून को खोलना होगा, निर्जला एकादशी के व्रत का यही नियम है कि, जातक सुर्योदय के बाद ही जल ग्रहण कर सकते हैं।
- निर्जला एकादशी का व्रत विधिपूर्वक एकादशी के अगले दिन यानी की द्वादशी तिथि के दिन खोला जाएगा।
- द्वादशी तिथि पर शुभ मुहूर्त देखकर और श्री विष्णु का ध्यान कर जातक जल और भोजन का सेवन कर सकते हैं।
- व्रत खोलने से पहले जातकों को ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय सहित अन्य विष्णु मंत्रों का जप करना होगा।
1 जून को होने वाले निर्जला एकादशी पारण का समय सुबह 5 बजकर 24 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। वहीं पारण दिवस द्वादशी समाप्ति मुहूर्त 1 जून को दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर रहेगा। जातकों को अगर अपना व्रत विधिपूर्वक पूरा करना है, तो इसी मुहूर्त के अनुसार व्रत खोलना होगा।
