Navratri Kanya Pujan Samagri List (कन्या पूजन सामग्री लिस्ट): नवरात्रि हिंदू धर्म का बेहद पावन और आस्था से जुड़ा पर्व है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है और भक्त पूरी श्रद्धा के साथ व्रत, पूजा और हवन करते हैं। नवरात्रि का एक अहम हिस्सा होता है कन्या पूजन, जिसे कंजक पूजन भी कहा जाता है। मान्यता है कि छोटी कन्याएं मां दुर्गा का ही स्वरूप होती हैं, इसलिए उन्हें आदरपूर्वक भोजन कराकर आशीर्वाद लिया जाता है। अगर आप भी इस नवरात्रि घर पर कन्या पूजन करने की तैयारी कर रहे हैं, तो पहले से जरूरी सामग्री की लिस्ट जरूर तैयार कर लें, ताकि पूजा में कोई कमी न रह जाए।
कंजक पूजन के लिए जरूरी सामग्री (Kanya Pujan Samagri List)
- रोली
- अक्षत (चावल)
- जल
- नारियल
- दीपक
- कलावा (मौली)
- फूल
- लाल चुनरी
- बिंदी
- चूड़ी
- फल
- कढ़ी
- चावल
- श्रृंगार सामग्री
- दक्षिणा (पैसे)
- हलवा
- पूरी
- काले चने
- खीर
- उपहार (पेंसिल बॉक्स, स्टेशनरी, मेकअप किट आदि)
- पैर धोने के लिए थाली
- बैठने के लिए आसन
कन्या पूजन करने की सरल विधि
- सबसे पहले कन्याओं को घर बुलाकर उनका प्यार से स्वागत करें।
- उनके चरणों को स्वच्छ जल से धोकर साफ तौलिये से पोंछें।
- कन्याओं को साफ आसन पर सम्मानपूर्वक बैठाएं।
- रोली और अक्षत से उनके माथे पर तिलक लगाएं।
- इसके बाद उन्हें हलवा, पूरी और काले चने सहित सात्विक भोजन परोसें।
- भोजन के बाद कन्याओं की आरती करें और उनका आशीर्वाद लें।
- अंत में अपनी श्रद्धा के अनुसार उपहार और दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें।
कन्या पूजन के दौरान भूलकर भी न करें ये गलतियां
- कन्या पूजन में आमतौर पर 2 से 12 वर्ष तक की कन्याओं को ही आमंत्रित किया जाता है।
- भोजन बनाते समय लहसुन और प्याज का इस्तेमाल न करें।
- कन्याओं को हमेशा ताजा और सात्विक भोजन ही खिलाएं, बासी या तामसिक भोजन न दें।
- कन्याओं के बीच किसी भी तरह का भेदभाव न करें, सभी को समान सम्मान दें।
- कन्याओं को कभी भी खाली हाथ विदा न करें, उन्हें उपहार या दक्षिणा जरूर दें।
यह भी रखें ध्यान रखें
धार्मिक मान्यता के अनुसार कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है। इसलिए कन्या पूजन के समय उनके चरण धोने के बाद तौलिये से साफ करें और पैरों में हल्का लाल रंग (आलता या कुमकुम) लगाना शुभ माना जाता है। लाल रंग शक्ति, सौभाग्य और पवित्रता का प्रतीक होता है। ऐसा करने से घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास बना रहता है।
यह लेख मूल रूप से गौरंगी (Gaurangi) द्वारा लिखा गया है, वह टाइम्स नाउ नवभारत के साथ बतौर इंटर्न जुड़ी हुई हैं।
