Navratri Ashtami 2025 Time And Puja Vidhi (नवरात्रि अष्टमी पूजन विधि): नवरात्रि की अष्टमी का खास महत्व माना जाता है क्योंकि कई श्रद्धालु अपने नवरात्रि व्रत का पारण इसी तिथि पर करते हैं। इस दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की अराधना की जाती है। जिन्हें भगवान शिव की अर्धांगिनी के रूप में पूजा जाता है। इसके अलावा ये दिन कन्या पूजन और हवन पूजन के लिए भी शुभ माना जाता है। इस साल नवरात्रि की अष्टमी 5 अप्रैल 2025 को मनाई जाएगी। यहां आप जानेंगे अष्टमी पूजा मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में जानकारी।
चैत्र नवरात्रि 2025 अष्टमी पूजन मुहूर्त (Chaitra Navratri 2025 Ashtami Pujan Muhurat)
चैत्र नवरात्रि अष्टमी पूजन मुहूर्त 5 अप्रैल की सुबह 6 बजकर 7 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
नवरात्रि महा अष्टमी पूजन विधि (Navratri Ashtami Puja Vidhi)
- नवरात्रि व्रत की अष्टमी तिथि को सुबह स्नान के बाद सफेद रंग के वस्त्र धारण करें।
- उसके बाद मां महागौरी की उपासना करें।
- इस दिन माता को सफेद रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।
- माता के समक्ष घी का दीपक जलाएं।
- उसके बाद माता रानी को कुमकुम का तिलक लगाएं और उन्हें पंचमेवा अर्पित करें।
- अंत में मााता महागौरी की कथा का पाठ करें और उनकी आरती करें।
- इस दिन कई श्रद्धालु हवन पूजन और कन्या पूजन भी करते हैं।
- पूजा के बाद प्रसाद सभी में बांट दें।
नवरात्रि अष्टमी पर कन्या पूजन (Navratri Ashtami Kanya Pujan)
नवरात्रि की अष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। जो लोग नवरात्रि की अष्टमी पर अपना व्रत खोलते हैं वो इस दिन माता रानी की पूजा के बाद हवन पूजन करते हैं। फिर इसके बाद कन्या पूजन करते हैं। कहते हैं कन्या पूजन के बिना नवरात्रि व्रत पूरा नहीं माना जाता। इसलिए नवरात्रि में कन्या पूजन जरूर करना चाहिए।
