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Ganesh Aarti Lyrics In Hindi: नवरात्रि में मां अंबे की आरती से पहले करें श्री गणेश जी की आरती, तभी पूजा होगी सफल

Ganesh Aarti Lyrics In Hindi (गणेश जी की आरती pdf): नवरात्रि में मां दुर्गा की आरती करने से पहले गणेश भगवान की आरती जरूर करें। धर्म शास्त्रों अनुसार जय गणेश देवा आरती के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है।

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Shri Ganesh Ji Ki Aarti In Hindi

Jai Ganesh Deva Aarti Lyrics In Hindi (गणेश जी की आरती pdf): नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो गया है। इस दौरान पूरे नौ दिनों तक मां अंबे की विधिवत पूजा और आरती की जाती है। इसके साथ ही गणेश भगवान की भी पूजा जरूर की जाती है। दरअसल हिंदू धर्म में कोई भी पूजा भगवान गणेश की आरती के बिना अधूरी मानी जाती है। इसलिए नवरात्रि में भी माता रानी की आरती से पहले गणेश जी की आरती जरूर करें। यहां देखें गणेश जी की आरती के लिरिक्स।

गणेश जी आरती के लिरिक्स (Ganesh Ji Ki Aarti In Hindi)

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

पान चढ़े फूल चढ़े, और चढ़े मेवा।

लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।

बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

सूर’ श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।

कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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