अध्यात्म

Neem Karoli Baba Ashram: यहां दर्शन करने से संवर जाती है बिगड़ी तकदीर, अरबपति-खरबपति भी लगाते हैं हाजिरी

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Dec 28, 2022, 02:03 PM IST

Kainchi Dham Nainital, Neem Karoli Baba Ashram: बाबा के कैंची धाम में न केवल भारत बल्कि विदेशों से भी लोग दर्शन करने के लिए आते हैं। मान्यता है यहां आने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

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बाबा नीब करौरी के इस पावन धाम के कई चमत्कारिक किस्से हैं।

Nainital Famous Temple Kainchi Dham: उत्तराखंड के नैनीताल से लगभग 65 किलोमीटर दूर है 'कैंची धाम' यानी नीब करौरी (नीम करौली) बाबा का आश्रम। ये आश्रम भारत ही नहीं दुनिया भर में प्रसिद्ध है। मान्यताओं अनुसार यहां दर्शन मात्र से ही व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं। बाबा के भक्तों का मानना है कि बाबा हनुमान जी का अवतार थे। यही वजह है कि यहां देश-विदेश से लाखों लोग यहां दर्शन करने आते हैं। ये आश्रम नैनीताल-अल्मोड़ा मार्ग पर स्थित है। आइए जानते हैं उनके और कैंची धाम के बारे में।

बाबा के कैंची धाम में न केवल भारत बल्कि विदेशों से भी उनके अनुयायी यहां पहुंचते हैं। पीएम मोदी, हॉलीवुड अभिनेत्री जूलिया राबर्ट्स, एप्पल के फाउंडर स्टीव जाब्स और फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग जैसी हस्तियां भी कैंची धाम आश्रम आ चुके हैं।

नीम करोली या नीब करौरी बाबा की गिनती महान संतों में की जाती है। कहा जाता है कि बाबा नीम करोली को 17 वर्ष की आयु में ही ईश्वर के बारे में बहुत कुछ ज्ञान हो गया था। ये हनुमान जी को अपना गुरु और आराध्य मानते थे। बाबा ने अपने जीवन में कई हनुमान मंदिर बनवाए। ऐसा कहा जाता है कि बाबा नीब करौरी ने अनेक चमत्कारिक सिद्धियां प्राप्त थीं। एकदम आम आदमी की तरह जीने वाले बाबा नीम करोली अपना पैर कर किसी को नहीं छूने देते थे। वो अपनी बजाय हनुमान जी के पैर छूने को कहते थे।

बाबा नीब करौरी के इस पावन धाम के कई चमत्कारिक किस्से हैं। एक जनश्रुति अनुसार भंडारे के दौरान एक बार घी की कमी पड़ गई थी, तब बाबा ने नीचे बह रही नदी से कनस्तर में जल भरकर लाने को कहा। जब इस जल को प्रसाद के लिए इस्तेमाल किया गया तो जल घी में बदल चुका था। एक अन्य जनश्रुति अनुसार बाबा ने कड़ी धूप में अपने एक भक्त के लिए बादल की छतरी बनाकर उसकी सहायता की थी।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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