Naga Chaturthi 2024: श्रावण शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को नागा चतुर्थी या नागुला चविथी के नाम से जाना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति और बच्चों की दीर्घायु और सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं। मान्यताओं अनुसार इस दिन नाग देवता की पूजा करने से कालसर्प दोष और राहु-केतु के दोष से छुटकारा मिल जाता है। ये त्योहार नाग पंचमी से एक दिन पहले मनाया जाता है। चलिए जानते हैं नागा चतुर्थी का पूजा मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व।
Naga Chaturthi 2024 (नाग चतुर्थी 2024)
नाग चतुर्थी इस साल 8 अगस्त को मनाई जा रही है। तो वहीं नाग पंचमी 9 अगस्त को मनाई जाएगी। ये त्योहार नाग पंचमी की तरह ही मनाया जाता है।
Naga Chaturthi Pooja Vidhi (नाग चतुर्थी पूजा विधि
- नाग चतुर्थी के दिन भक्त सांपों और नाग देवताओं की पूजा करते हैं।
- इस दिन सांपों के गड्ढों में दूध चढ़ाया जाता है और सांपों के गड्ढों के पास अंडे रखते हैं।
- महिलाएं पूरे दिन का व्रत रखती हैं और मंदिरों में जाकर नाग देवता की मूर्तियों को पानी और दूध से नहलाती हैं।
- इसके बाद मूर्तियों पर हल्दी लगाती हैं और कुमकुम की बिंदियां रखती हैं।
- इसके बाद अगरबत्ती और प्रसाद चढ़ाती हैं और अंत में आरती उतारती हैं।
- कई लोग इस दिन मंत्रों और सर्प सूक्तम का भी जाप करते हैं।
- सर्प सूक्तम भजन नौ नाग देवताओं, शेष, पद्मनाभ, कंबला, अनंत, वासुकी, धृतराष्ट्र, शंखपाल, तक्षक और कालिया का आशीर्वाद पाने के लिए गाया जाता है।
Nag Chaturthi Vrat Ke Benefits (नाग चतुर्थी व्रत के लाभ)
नाग चतुर्थी पर राहु-केतु की पूजा करने से कुंडली पर उनके नकारात्मक प्रभाव को कम किया जा सकता है। इतना ही नहीं नाग देवताओं के पूजन से हमारे पूर्वजों से विरासत में मिले सर्प शाप से भी मुक्ति मिल जाती है। इस व्रत को करने से महिलाओं को अपने जीवनसाथी और बच्चों की दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
