अध्यात्म

Nag Panchami Ke Gana: नाग पंचमी के दिन जरूर सुनें नाग देवता के ये भजन, देखें नाग पंचमी के गाने

Nag Panchami Ke Gane (नाग पंचमी का गाना): आज श्रावण शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज देशभर में बड़े धूमधाम से नाग पंचमी का त्योहार मनाया रहा है। आज के दिन हर घर में पूजा पाठ के साथ नाग पंचमी के भजन भी गाए जाते हैं। आप यहां से नाग पंचमी के भजन और गाने के लिरिक्स देख सकते हैं।

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नाग देवता के भजन (Photo Source: Canva)

Nag Panchami Ke Gane (नाग पंचमी के भजन): नाग पंचमी सनातन धर्म के खास त्योहारों में से एक है। आज यही खास दिन है जब नाग देवता की पूजा की जाएगी। आज शिव मंदिर में भक्तों की लाइन लगी होगी। हर कोई शिवलिंग पर दूध से अभिषेक करता और भोलेनाथ और नाग देवता को प्रसन्न करने की कोशिश करना नजर आ रहा है। क्योंकि इस दिन नाग देवता की भगवान शिव के आभूषण के रूप में पूजा करना ज्यादा शुभ माना जाता है। इस मौके पर लोग नाग देव के भजन और गाने भी खूब सुनते हैं। साथ ही इन्हें गुनगुनाते भी हैं। यहां देखिए नाग पंचमी के भजन और गीत-

Nag Panchami Bhajan (नाग पंचमी के भजन) -

नाग देवता त्राहि माम्

विष्णु को शय्या पे सुलाने वाले ,

शंकर के गले को सजाने वाले।

नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम् ,

नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।

कोमल कोमल अंग तिहारा ,

श्याम वरण तेरा लागे प्यारा।

झिलमिल झिलमिल चाल तुम्हारी,

जैसे जमना जल की धारा।

शेष हजार फनो वाले ,

भगतो की लाज बचाने वाले।

विष्णु को शय्या पे सुलाने वाले ,

शंकर के गले को सजाने वाले।

नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।

सोवे बालक रोवे माता ,

ये कैसा अन्याय विधाता।

ये बालक है तुम पालक हो ,

प्राणदान दो, जीवनदान दाता।

शेष हजार फनो वाले ,

भगतो की लाज बचाने वाले।

विष्णु को शय्या पे सुलाने वाले ,

शंकर के गले को सजाने वाले।

नाग देवता त्राहि माम् त्राहि माम्।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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