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Nag Panchami Special food: नाग पंचमी के दिन क्या खाना बनाना चाहिए, जानें नाग देवता को प्रसन्न करने के लिए क्या भोग लगाएं

Nag Panchami Special food or Bhog: नाग पंचमी का ये दिन नागों की पूजा के लिए है। खीर, मालपुआ, मीठे पूड़े से लेकर दाल बाटी आदि नाग पंचमी पर बनाए जाते हैं। यहां जानें कि नाग पंचमी के दिन क्या- क्या खाना बनाना चाहिए और नागों को क्या भोग लगाना चाहिए।

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नाग पंचमी के दिन क्या खाना बनाना चाहिए (Pic: iStock)

Nag Panchami Special food or Bhog (नाग पंचमी के दिन क्या खाना बनाना चाहिए): सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को श्रद्धा और धूम के साथ नाग पंचमी का त्योहार मनाया जाता है। 2025 में नाग पंचमी का त्योहार आज यानी 29 जुलाई को पड़ रहा है। यह पर्व नाग देवता की पूजा करने और कई दोष दूर करने का है तो इसी के साथ ही खास भाग और पकवान बनाकर भी मनाया जाता है। देश के विभिन्न हिस्सों में नाग पंचमी पर अलग-अलग व्यंजन और पकवान बनाए जाते हैं। इस दिन खासतौर पर मीठे पकवान जैसे पुआ, खीर, गुलगुले आदि बनाए जाते हैं। नाग देवता को धान, लावा और दूध चढ़ाने की भी प्रथा है।

नाग पंचमी के दिन क्या बनाना चाहिए

  • नाग पंचमी पर मीठे पकवान का चलन है। ऐसे में बिहार और उत्तर प्रदेश में नाग पंचमी के दिन मालपुआ बनाया जाता है।
  • वहीं मध्य प्रदेश में नाग पंचमी पर खीर और पूड़ी बनाई जाती है। नाग देवता को इसका भोग लगाया जाता है।
  • नाग पंचमी में राजस्थान में दाल बाटी बनाया जाता है। कई जगहों पर इसके साथ चूरमा भी रखा जाता है।
  • हरियाणा और पंजाब में आटे के मीठे पुए बनाए जाते हैं। इनको आटे में चीनी का घोल मिलाकर तैयार किया जाता है।
  • इन चीजों के साथ नाग देवता को धान, लावा और दूध चढ़ाने की भी प्रथा है।

नाग पंचमी पर रोटी क्यों नहीं बनाई जाती है

नाग पंचमी के दिन बहुत सी जगहों पर रोटी नहीं बनाई जाती है। नाग पंचमी पर कई जगहों पर लोहे की चीजों का प्रयोग नहीं होता। ऐसे में तवा प्रयोग में नहीं लाया जाता है तो इस दिन रोटी भी नहीं बनती है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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