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Mundan Muhurat March 2024: मार्च के महीने में कब- कब कर सकते हैं बालक का मुंडन, यहां देखें शुभ मुहूर्त

March 2024 Mundan Muhurat List: सनतान धर्म में मुंडन संस्कार का बहुत महत्व है। ऐसे में आइए जानते हैं साल 2024 में मार्च के महीने में कब है मुंडन के शुभ मुहूर्त? मार्च महीने में मुंडन की शुभ तिथियां क्या है। यहां देखें सारी शुभ तिथियों की लिस्ट।

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Mundan Muhurat March 2024

Mundan Muhurat March 2024 (मार्च महीने में कब है मुंडन का शुभ मुहूर्त 2024): हिंदू धर्म में मुंडन संस्कार का बहुत महत्व है। 16 सस्ंकारो में से मुंडन को 8 वां संस्कार माना गया है। इसे चूड़ाकर्म संस्कार के नाम से भी जाना जाता है। सनातन परंपरा में कोई भी शुभ काम शुभ मुहूर्त में करने की परंपरा है। ऐसा माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में कोई भी काम करने से शुभ फल की ही प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि मुंडन संस्कार करने से बालक को लंबी आयु मिलती है और पूर्व जन्म के ऋणों और दोषों से मुक्ति मिलती है। मुंडन कराने की परंपरा काफी लंबे समय से चली आ रही है। बालक के जन्म के 1, 3, 5 या 7 साल के बाद मुंडन संस्कार करवाना चाहिए। ऐसे में अब आइए जानते हैं मार्च 2024 में मुंडन की शुभ तिथियों के बारे में। यहां देखें पूरी लिस्ट।

Mundan Muhurat March 2024 Date List ( मार्च 2024 मुंडन शुभ मुहूर्त)

8 मार्च 2024, शुक्रवार06:38 एम से 10:00 पीएम तक
20 मार्च 2024, बुधवार06:24 एम से 10:40 पीएम तक
27 मार्च 2024, बुधवार6:16 एम से 6:16 पीएम तक
28 मार्च 2024, गुरुवार6:15 एम से 6:38 पीएम तक

मुंडन संस्कार विधि ( Mundan Sanskar Vidhi)

  • बालक का मुंडन संस्कार हमेशा तुलसी पौधे का पास या किसी धार्मिक स्थान पर ही करवाना चाहिए।
  • बच्चे के मुंडन से समय हवन किया जाता है और कहीं- कहीं पर सोहर गीत गाए जाते हैं।
  • मुंडन संस्कार के दौरान मां को बच्चे को गोद में रखना चाहिए और बच्चे का मुंह पश्चिम दिशा की ओर होना चाहिए।
  • बाल कट जाने के बाद हल्दी का लेप लगाकर बालक को गंगा जल से स्नान कराया जाता है।
  • इसके बाद उसे नये वस्त्र पहनाकर कुल देवी और बड़ों का आशीर्वाद दिलाया जाता है।

मुंडन संस्कार नियम (Mundan Sanskar Niyam)

  • बालक के जन्म के बाद 1, 3, 5 या 7 साल के में मुंडन संस्कार कराना चाहिए।
  • मुंडन संस्कार हमेशा पंचाग के अनुसार दी गई शुभ मुहूर्त में ही करवाना चाहिए।
  • अश्विनी, मृगशिरा, पुष्य, हस्त, शतभिषा नक्षत्र में भी मुंडन संस्कार करना उत्तम माना जाता है।
  • मुंडन संस्कार के दौरान बच्चा मां की गोद में होना चाहिए।
  • मुंडन संस्कार के समय बच्चे का मुख पश्चिम दिशा में होना चाहिए।

मुंडन संस्कार का महत्व ( Mundan Sanskar SIgnificance)

हिंदू धर्म में मुंडन संस्कार का बहुत महत्व है। ये संस्कार हिदू धर्म के 16 संस्कारों में से एक है। इस दौरान बालक के जन्मजात बाल कटवाए जाते हैं। ऐसा माना जाता है गर्भ के बाल काटने के बाद ही बालक में बुद्धि का विकास होना शुरू होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मुंडन करवाने से पूर्व जन्म के दोष मिट जाते हैं। मुंडन के बाद बालों को विसर्जित करना भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मुंडन संस्कार करवाने से बालक की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

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