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Mohini Ekadashi 2023 Date, Puja Timings: मोहिनी एकादशी 2023 कब है? जानिए डेट, मूहर्त, पारण व भद्राकाल का समय

  • Authored by: अवनी बागरोला
  • Updated Apr 30, 2023, 08:50 PM IST

Mohini Ekadashi Vrat 2023 Date, Time, Puja Muhurat: मोहिनी एकादशी व्रत प्रतिवर्ष वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि को होती है। इसबार मोहिनी एकादशी पर भद्रा का साया है। ऐसे में पूजा किस समय करना शुभ होगा, आइए जानते हैं मोहिनी एकादशी व्रत की पूजा मुहूर्त, डेट और पारण समय।

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Mohini ekadashi vrat 2023 date, muhurat in hindi mohini ekadashi kab hai puja timings, importance

Mohini Ekadashi 2023 Date, Time, Muhurat, Significance: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। यह हर महीने दो बार आती है। लेकिन, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को मोहिनी एकादशी (Mohini Ekadashi) के नाम से जाना जाता है। इस एकादशी का खास महत्व है। कहते हैं सृष्टि को असुरों से बचाने के लिए भगवान विष्णु ने इसी दिन मोहिनी का अवतार लिया था। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी रूप की आराधना का विधान है। कहते हैं इस दिन मोहिनी एकादशी व्रत रखने से समस्त पाप और दुखों का नाश होता है और धन-सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। इतना ही नहीं, इस व्रत को रखने से हजार गौ दान का पुण्य भी मिलता है। तो आइए जानते हैं मोहिनी एकादशी व्रत की डेट, मुहूर्त और महत्व।

मोहिनी एकादशी 2023 कब है? (Mohini Ekadashi 2023 Date)

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी कहा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार, यह व्रत 1 मई 2023, सोमवार को पड़ रही है। इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार की पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को हजार गौदान का फल मिलता है।

मोहिनी एकादशी 2023 मुहूर्त (Mohini Ekadashi 2023 Muhurat)

एकादशी तिथि प्रारंभ: 30 अप्रैल, रात 08:28 बजे

एकादशी तिथि समापन: 01 मई, रात 10:09 बजे तक।

पूजन के लिए शुभ मुहूर्त: सुबह 09:00 बजे से 10:39 तक (1 मई 2023)

रवि योग: 1 मई 2023, सुबह 05:41 बजे से शाम 05:51 बजे तक।

ध्रुव योग: 1 मई 2023, प्रात:काल से 11:45 बजे तक।

भद्रा का साया: सुबह 09:22 बजे से 10:09 बजे तक।

व्रत पारण समय: 2 मई 2023, सुबह 05:40 बजे से 08:19 बजे तक।

मोहिनी एकादशी महत्व (Mohini Ekadashi Significance)

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब समुद्र मंथन के दौरान अमृत निकला था तब दैत्यों से इसकी रक्षा करने के लिए श्री हरी भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था और असुरों को अपने मायाजाल में फंसा कर देवताओं को अमृतपान करवाया था। यह वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का दिन था, इसलिए इसे मोहिनी एकादशी कहा गया। हिंदू धर्म में इस व्रत को बहुत शुभ माना गया है। कहते हैं इस दिन भगवान की पूजा करने से धन-धान्य में वृद्धि के साथ सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

अवनि बागरोला
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें युवा और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 2,500 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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