अध्यात्म

नई दुल्हन को किस दिन बाल नहीं धोने चाहिए? सुहागिन महिलाएं किस दिन बाल धोये और किस दिन नहीं, यहां से जानें

Married Women Hair Wash Days: शादीशुदा महिलाओं को किस दिन अपने बाल धोना चाहिए और किस दिन भूलकर भी बाल नहीं धोना चाहिए, इसके बारे में आप यहां से जान सकते हैं। यहां पर सुहागिन महिलाओं के बाल धोने के दिन और सभी नियम के बारे में बताया गया है।

Image

सुहागिन महिलाओं को किस दिन बाल नहीं धोना चाहिए (pic credit: canva)

Married Women Hair Wash Days: आपने अपनी दादी-नानी से सुना ही होगा कि कुछ ऐसे दिन होते हैं जब बाल धोने से मना किया जाता है। खासतौर से सुहागिन महिलाओं के लिए नियम ज्यादा होते हैं। यहां से आप जान सकते हैं सुहागिन महिलाओं को किस दिन बाल धोना चाहिए और किस दिन शादीशुदा लड़कियां बाल नहीं धो सकती हैं। यहां बाल धोने के दिन के बारे में सारी जानकारी दी गई है।

सोमवार

सोमवार के दिन सुहागिन महिलाओं को बाल धोने से बचना चाहिए। क्योंकि इसे घर की उन्नति के लिए अच्छा नहीं माना जाता है। हालांकि कुंवारी लड़कियां इस दिन बाल धो सकती हैं। कई जगह मैरिड महिलाएं भी इस दिन बाल धो लेती हैं।

मंगलवार

मंगलवार के दिन सुहागिन स्त्रियों का बाल नहीं धोना चाहिए क्योंकि इससे मंगल ग्रह कमजोर होता है। जिससे जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही पति के जीवन पर इसका सीधा असर पड़ता है।

बुधवार

बुधवार के दिन सुहागिन महिलाएं बाल धो सकती हैं लेकिन अविवाहित महिलाएं जिनके छोटे भाई हैं उन्हें इस दिन बाल धोने से बचना चाहिए। कहते हैं बुधवार को बाल धोने से भाई को कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

गुरुवार

गुरुवार का दिन ऐसे है इस ना पुरुषों को और साथ ही ना महिलाओं को इस दिन बाल धोने चाहिए। यानी गुरुवार के दिन भी अगर आपकी शादी हो गई है तो आप बाल न धोएं।

शुक्रवार

शुक्रवार के दिन बाल धोने के लिए सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। इस दिन बाल धोने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

शनिवार

शनिवार के दिन सुहागिन हो या अविवाहित दोनों ही महिलाओं को बाल नहीं धोने चाहिए। इससे शनि ग्रह कमजोर होता है और धन का हानि होती है।

रविवार

रविवार के दिन सुहागिन महिलाएं बाल धो सकती हैं।

इसके अलावा सुहागिन महिलाओं को एकादशी, अमावस्या, पूर्णिमा और ग्रहण में बाल नहीं धोने चाहिए। वहीं, सूर्यास्त के बाद या रात में भी बाल नहीं धोने चाहिए।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

और पढ़ें
End of Article