अध्यात्म

Makar Sankranti 2023 Date: 14 या 15 जनवरी मकर संक्रांति कब है? जानें इसकी सही डेट

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Jan 10, 2023, 02:35 PM IST

Makar Sankranti 2023 Date (मकर संक्रांति कब है 2023): मकर संक्रांति 2023 में कब है इस बात को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन बना हुआ है। कोई 14 तो कोई 15 जनवरी को इस त्योहार को मनाए जाने की बात कह रहा है। तो जानिए 2023 में किस दिन मकर संक्रांति मनाना रहेगा सही?

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Makar Sankranti 2023 Date: साल 2023 में मकर संक्रांति कब मनाई जाएगी?

Makar Sankranti 2023 Date: एक साल में कुल 12 संक्रांतियां होती हैं और हर संक्रांति का अपना अलग महत्व होता है। लेकिन साल के पहले महीने जनवरी में पड़ने वाली मकर संक्रांति सबसे खास होती है। ये साल की शुरुआत का सबसे बड़ा त्योहार होता है। ये अक्सर 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है। इस बार मकर संक्रांति की तारीख को लेकर बड़ा कन्फ्यूजन बना हुआ है कोई 14 जनवरी तो कोई 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की बात कर रहा है। अगर आप भी संक्रांति की डेट को लेकर कन्फ्यूज हैं तो जानिए 2023 में क्या है इस त्योहार को मनाने की सही डेट।

सबसे पहले जान लें संक्रांति होती क्या है? जब सूर्य देव एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं तो इस समय को संक्रांति कहा जाता है। वहीं मकर संक्रांति के दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं इसलिए इसे मकर संक्रांति कहा जाता है। इसी दिन सूर्य उत्तरायण भी होते हैं, इसलिए इसे उत्तरायण के नाम से भी जाना जाता है।

मकर संक्रांति 2023 डेट (Makar Sankranti 2023 Date)

सूर्य देव 14 जनवरी की रात 08 बजकर 57 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। जिस कारण संक्रांति के लिए स्नान, ध्यान और दान 15 जनवरी को किया जाएगा। यानी साल 2023 में मकर संक्रांति का त्योहार 15 जनवरी को यानी रविवार के दिन मनाना सही रहेगा। मकर संक्रांति का पुण्य काल सुबह 07:15 से शाम 05:46 पीतक रहेगा। मकर संक्रांति महा पुण्य काल सुबह 07:15 से सुबह 09:15 तक रहेगा।

मकर संक्रांति का महत्व: मकर संक्रांति का दिन लोग स्नान और दान-पुण्य करने के लिए सबसे अच्छा मानते हैं। इस दिन भगवान सूर्य की पूजा की जाती है। इसके साथ ही भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का भी पूजन किया जाता है। मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ से बनी मिठाई बांटी जाती है। इसके अलावा मकर संक्रांति के मौके पर पतंग उड़ाने की भी परंपरा है। इस मौके पर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत में बड़े मेलों का आयोजन होता है। मकर संक्रांति पर लाखों श्रद्धालु गंगा और अन्य पावन नदियों के तट पर स्नान और दान करते हैं।

लवीना शर्मा
लवीना शर्मा author

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करि... और देखें

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