अध्यात्म

महावीर जयंती आज, यहां पढ़ें महावीर जयंती का व्रत कैसे किया जाता है, पूजा विधि और मंत्र, महावीर स्वामी का अभिषेक कैसे करें

Mahavir Jayanti 2026, महावीर जयंती 2026: महावीर जयंती के दिन व्रत, पूजा और अभिषेक का विशेष महत्व होता है। श्रद्धालु उपवास रखकर भगवान महावीर की आराधना करते हैं और उनके सिद्धांतों को अपनाते हैं। यहां पढ़ें आज महावीर जयंती है, इसका महत्व क्या है और महावीर जयंती का व्रत कैसे किया जाता है।

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महावीर जयंती का व्रत कैसे किया जाता है

Mahavir Jayanti 2026, महावीर जयंती 2026: महावीर जयंती जैन धर्म का सबसे पवित्र पर्व माना जाता है, जो महावीर स्वामी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। महावीर भगवान जैन धर्म के 24वें और अंतिम तीर्थंकर हैं। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर, पूजा-अर्चना कर और उनके उपदेशों को अपनाकर आध्यात्मिक शुद्धि प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। हर साल चैत्र शुक्ल की त्रयोदशी तिथि पर महावीर जयंती मनाई जाती है। इस साल 2026 में महावीर जयंती का त्योहार 31 मार्च यानी आज मनाया जा रहा है। आइए जानते हैं इस दिन व्रत कैसे किया जाता है, पूजा विधि क्या है और अभिषेक कैसे करें।

महावीर जयंती का महत्व

महावीर स्वामी ने अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह और करुणा का संदेश दिया। इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति के अंदर आत्मसंयम और आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ती है। साथ ही, यह दिन हमें सिखाता है कि सादगी और शांति से जीवन जीना ही सच्चा धर्म है।

महावीर जयंती व्रत कैसे करें

महावीर जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद व्रत का संकल्प लें। इस दिन कई श्रद्धालु उपवास (निर्जला या फलाहार) रखते हैं, जबकि कुछ लोग सात्विक भोजन ग्रहण करते हैं। व्रत का मुख्य उद्देश्य शरीर और मन की शुद्धि तथा अहिंसा, सत्य और संयम के सिद्धांतों का पालन करना होता है।

महावीर जयंती पूजा विधि

घर या मंदिर में भगवान महावीर की प्रतिमा स्थापित करें।

दीपक जलाकर पूजा की शुरुआत करें।

धूप, अक्षत, फूल और फल अर्पित करें।

भगवान महावीर का स्मरण करते हुए ध्यान लगाएं।

जैन ग्रंथों का पाठ करें और उनके उपदेशों को याद करें।

पूजा के दौरान मन को शांत रखें और किसी भी प्रकार की नकारात्मक सोच से दूर रहें।

महावीर स्वामी का अभिषेक कैसे करते हैं

  • सबसे पहले प्रतिमा को स्वच्छ जल से स्नान कराएं।
  • इसके बाद दूध, केसर, चंदन या पंचामृत से अभिषेक करें।
  • अभिषेक करते समय “ओम ह्रीं श्री महावीराय नमः” मंत्र का जाप करें।
  • अंत में स्वच्छ जल से पुनः स्नान कराकर प्रतिमा को साफ कपड़े से पोंछें।
  • अभिषेक के बाद भगवान को वस्त्र, फूल और नैवेद्य अर्पित करें।
Avni Bagrola
अवनी बागरोलाauthor

अवनी बागरोला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के लाइफस्टाइल सेक्शन में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। फैशन, ब्यूटी, ट्रेंड्स, पर्सनल स्टाइलिंग और मॉडर्न लाइफस्टाइल से जुड़े कंटेंट पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें जेन Z और स्टाइल-सेवी ऑडियंस के बीच खास पहचान दिलाती है। अवनी की लेखन शैली सरल, ट्रेंडी और यूज़र-फ्रेंडली है, जो पाठकों को तेजी से बदलते फैशन व लाइफस्टाइल ट्रेंड्स को समझने में मदद करती है। अब तक 3000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुकी अवनी क्रिएटिव अप्रोच, अपडेटेड नॉलेज और रियल-टाइम ट्रेंड सेंस के लिए जानी जाती हैं।

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