अध्यात्म

Mahashivratri Vrat Paran Muhurat 2023: शिवरात्रि व्रत पारण मुहूर्त और विधि जानें यहां

  • Edited by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 18, 2023, 07:34 PM IST

Maha Shivratri Vrat Paran Time, Vrat Kholne Ka Samay: व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए भक्तों को सूर्योदय व चतुर्दशी तिथि के अस्त होने के मध्य के समय में ही व्रत का समापन करना चाहिए।

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महाशिवरात्रि व्रत पारण मुहूर्त 2023: कैसे और किस मुहूर्त में खोलें व्रत जानिए यहां

Mahashivratri 2023 Vrat Paran Vidhi And Muhurat: महाशिवरात्रि का व्रत व त्योहार पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को शिवरात्रि का व्रत व पूजन किया जाता है। इस दिन भक्त सारा दिन उपवास रखते हैं और अगले दिन व्रत का पारण करते हैं। शिवरात्रि के व्रत में नियमों का विशेष पालन किया जाता है । व्रत में केवल फलहार और सात्विक भोजन लिया जाता है। रात्रि के चार प्रहर की पूजा के बाद अगले दिन व्रत खोला जाता है । आइए जानते हैं व्रत पारण का शुभ मुहूर्त और व्रत खोलने की विधि ।

Mahashivratri Vrat Paran Muhurt महा शिवरात्रि व्रत खोलने का समय

महाशिवरात्रि व्रत खोलने का शुभ मुहूर्त 19 फरवरी 2023 को सुबह 7 बजकर 10 मिनट से शाम 3 बजकर 32 मिनट तक है।

Maha Shivratri Vrat Paran Vidhi महा शिवरात्रि व्रत पारण विधि

व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने के लिए भक्तों को सूर्योदय व चतुर्दशी तिथि के अस्त होने के मध्य के समय में ही व्रत का समापन करना चाहिए। लेकिन एक अन्य धारणा के अनुसार व्रत के समापन का सही समय चतुर्दशी तिथि के बाद का बताया गया है। लेकिन ऐसा माना जाता है कि शिव पूजा और पारण (व्रत का समापन) दोनों की चतुर्दशी तिथि अस्त होने से पहले ही कर लेना चाहिए।

महाशिवरात्रि व्रत का पारण नियम अनुसार करना चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराकर “ऊं नमो नम: शिवाय” मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके बाद रात्रि के चारों प्रहर में शिवजी की पूजा करें फिर अगले दिन प्रात: काल स्नान करके शिव की पूजा करें और ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देकर व्रत का पारण करना चाहिए।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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