Mahashivratri Shivling Puja Vidhi (महाशिवरात्रि शिवलिंग पूजा विधि): महाशिवरात्रि भारत में मनाया जाने वाला एक प्रमुख पर्व है जो कि भगवान शिव को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस तिथि पर भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ माना जाता है। इस खास मौके पर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिपूर्वक पूजा होती है तथा इस दिन व्रत करने का भी प्राचीन विधान है। ऐसा कहा जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के निराकार स्वरूप शिवलिंग की विधि-विधान से पूजा करने से साधक को सुख, समृद्धि और यश की प्राप्ति होती है। शिवलिंग को शिव और शक्ति का संयुक्त रूप माना जाता है जो कि ब्रह्मांड की ऊर्जा का प्रतीक है। इसकी पूजा करने से जीवन से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और सकारात्मकता बढ़ती है। लेकिन शिवलिंग को पूजने की भी विधि होती है जिसका पालन करना जरूरी होता है। अगर शिवलिंग की पूजा में कोई भूल होती है तो ये अशुभ माना जाता है। ऐसे में चलिए जानते हैं महाशिवरात्रि शिवलिंग पूजा विधि के बारे में।
Mahashivratri Shivling Puja Vidhi (महाशिवरात्रि शिवलिंग पूजा विधि)
•ब्रह्म मुहूर्त में स्नान कर सफेद वस्त्र धारण करें।
•पूजा स्थल को साफ करें और भगवान शिव को प्रणाम करें।
•शिवलिंग को दही, दूध, शहद, घी और गंगाजल से स्नान कराएं। आप चाहें तो इस दिन गन्ने के रस से भी शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं।
•इसके बाद अक्षत, मोली, चंदन, बेलपत्र, सुपारी, पान, फल, फूल और नारियल समेत विशेष चीजें शिवलिंग पर चढ़ाएं।
•शिवलिंग की आरती करें और सिद्ध मंत्रों का जाप करें।
•इसके बाद भगवान शिव को सफेद फल, मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
•अंत में घर के सदस्यों में प्रसाद का वितरण करें।
Shivling Puja Mantra (शिवलिंग पूजा मंत्र)
•ॐ नमः शिवाय
•ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय
•ॐ पार्वतीपतये नमः
•ॐ पशुपतये नमः
•ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्
•ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्
•शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च
•ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम
•ॐ नमः शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च
Shivling ki Puja ka Mahatva (शिवलिंग की पूजा का महत्व)
शिवलिंग भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है। इसकी पूजा हिंदू धर्म में अत्यंत ही महत्वपूर्ण मानी जाती है। ये सृजन, पालन और संहार के प्रतीक के रूप में पूजनीय है। शिवलिंग की पूजा से भक्तों को मानसिक शांति, सुख-समृद्धि और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शिवलिंग पर जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक, पंचामृत स्नान और बेलपत्र अर्पण करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
