Maha Shivratri 2024: सनातन धर्म में रुद्राक्ष का खास महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पति भगवान शिव के आंसुओं से मानी जाती है। शास्त्रों में 1 से लेकर 14 मुखी रुद्राक्ष का अपना अलग- अलग महत्व बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र में रुद्राक्ष का बहुत महत्व है। रुद्राक्ष का उपयोग केवल पूजा-पाठ और मंत्र जाप के लिए ही नहीं बल्कि ग्रहों की अनुकूलता के लिए भी किया जाता है। यदि हम अपनी राशि और ग्रह के अनुसार रुद्राक्ष धारण करें तो अशुभ ग्रहों के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।रुद्राक्ष धारण करने से सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं और व्यक्ति भय, भय, रोग और ऋण से मुक्त हो जाता है। रुद्राक्ष धारण करने से कठिन साधना के बाद प्राप्त फल के बराबर लाभ मिलता है। आइए जानते हैं कौन सी राशि के अनुसार कौना सा रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
राशि के अनुसार धारण करें ये रुद्राक्ष
- मेष राशि के जातक कोतीन मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- वृषभ राशि वालों को छह मुखी रुद्राक्ष पहनने की सलाह दी जाती है।
- मिथुन राशि वालों को चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- कर्क राशि वालों के लिए दो मुखी रुद्राक्ष पहनना शुभ होता है।
- सिंह राशि वालों को सबसे मूल्यवान रुद्राक्ष 12 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- कन्या राशि के जातकों को चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- तुला राशि वालों को छह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- वृश्चिक राशि का स्वामी मंगल है और इस कारण भी श्री मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- धनु राशि वालों को पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- मकर राशि वालों को सात रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- कुंभ राशि का स्वामी शनि है इसलिए इन्हें भी सात मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
- मीन राशि वालों के लिए पंचमुखी रुद्राक्ष पहनना बहुत शुभ माना जाता है।
