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Maha Navami 2022 Date, Puja Timings: नवरात्रि महा नवमी का शुभ मुहूर्त, मंत्र, महत्व और पूजा विधि

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  • Updated Oct 4, 2022, 05:45 AM IST

Maha Navami 2022 Date, Time, Puja Muhurat: नवरात्रि नवमी पर कन्या का पूजन का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि कन्या पूजन से घर में सुख समृद्धि आती है और दरिद्रता दूर होती है।

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Maha Navami 2022 Date, Puja Timings: नवरात्रि महा नवमी पूजा विधि

KEY HIGHLIGHTS
  • इस बार महा नवमी 4 अक्टूबर को मनाई जाएगी। नवरात्रि नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है।
  • मान्यता है कन्या पूजन से घर में सुख समृद्धि आती है और दुख दरिद्रता दूर हो जाती है।
  • नवरात्रि की नवमी तिथि को सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली देवी मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

Maha Navami 2022 Date, Time, Puja Muhurat: नवरात्रि की नवमी तिथि को यानी नवरात्रि आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। मां सिद्धिदात्री को सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि जो कोई भी व्यक्ति मां सिद्धिदात्री की पूजा करता है उसे जीवन में हर प्रकार का ज्ञान प्राप्त होता है। कई लोग नवरात्रि के आखिरी दिन कन्या पूजन करके अपना व्रत खोलते हैं। इस बार महा नवमी 4 अक्टूबर को मनाई जाएगी। यहां आप जानेंगे महा नवमी की पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

नवरात्रि नवमी तिथि का महत्व: देवी दुर्गा की नौवीं शक्ति का नाम सिद्धिदात्री है। माता के इस रूप की पूजा करने से व्यक्ति को हर प्रकार की सिद्धियों की प्राप्ति होती है। मां सिद्धिदात्री की कृपा से व्यक्ति संसार के सभी सुखों का भोग करता है और अंत में उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। मां सिद्धिदात्री की उपासना से भक्तों की लौकिक, पारलौकिक सभी प्रकार की कामनाओं की पूर्ति हो जाती है।

माँ सिद्धिदात्री मंत्र

सिद्ध गन्धर्व यक्षाद्यैरसुरैरमरैरपि।

सेव्यमाना सदा भूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।

नौवें दिन का विशेष भोग: नवमी तिथि पर मां को तिल का भोग जरूर लगाएं। इसके अलावा इस दिन मां को पूड़ी और हलवे का भोग भी जरूर लगाएं।

नवरात्रि नवमी कन्या पूजन विधि: ऐसा माना जाता है छोटी बच्चियों में मां दुर्गा साक्षात वास करती हैं। इसलिए नवरात्रि की नवमी और अष्टमी तिथि के दिन कई लोग कन्या पूजन करते हैं। कन्या पूजन में 2 वर्ष से 10 वर्ष के बीच की कन्याओं का पूजन किया जाता है। कन्याओं को घर पर बुलाया जाता है। फिर उनके चरण छुए जाते हैं और आरती उतारी जाती है। फिर उन्हें सम्मान के साथ भोजन कराया जाता है। कन्याओं द्वारा भोजन ग्रहण करने के बाद उनके फिर से हाथ और पैर धोये जाते हैं। उन्हें उपहार देकर उनका आशीर्वाद लिया जाता है। कहते हैं इस विधि से नवमी पर कन्या पूजन करने से मां अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करती हैं।

महा नवमी डेट- 4 अक्टूबर 2022

नवमी तिथि प्रारम्भ - 03 अक्टूबर 2022 को 04:37 PM बजे

नवमी तिथि समाप्त - 04 अक्टूबर 2022 को 02:20 PM बजे

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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