Magh Purnima Mahatva: इस साल माघ पूर्णिमा 11 फरवरी की शाम 6 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर 12 फरवरी की शाम 7 बजकर 22 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार ये त्योहार 12 फरवरी को मनाया जाएगा। इस पूर्णिमा पर स्नान-दान और जप का विशेष महत्व बताया गया है। माघी पूर्णिमा के शुभ अवसर पर श्रद्धालु प्रयागराज में त्रिवेणी संगम पर पवित्र स्नान करते हैं। कहते हैं ऐसा करने से सभी पापों से छुटकारा मिल जाता है। चलिए आपको बताते हैं माघ पूर्णिमा का महत्व क्या है।
माघ पूर्णिमा का महत्व (Magh Purnima Ka Mahatva)
माघ पूर्णिमा के दिन चंद्र देव अपनी पूर्ण कलाओं में होते हैं। इसके साथ ही ये माघ मास का अंतिम दिन भी होता है। धार्मिक दृष्टि से इस पूर्णिमा पर स्नान, दान और जप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस पूर्णिमा पर स्वर्ग से देवी-देवता गंगा स्नान के लिए धरती पर आते हैं। इसलिए ही इस दिन गंगा स्नान करना बेहद शुभ माना जाता है। इस पूर्णिमा तिथि पर विष्णु भगवान और हनुमान जी की पूजा की जाती है। कहते हैं इस दिन स्नान-दान और देवी-देवताओं की पूजा सच्चे मन से करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।
माघ पूर्णिमा का ज्योतिषीय महत्व
जब चंद्रमा कर्क राशि में और सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उस समय माघ पूर्णिमा पड़ती है। कहते हैं इस पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से सूर्य और चंद्रमा के दोषों से मुक्ति मिल जाती है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में कहा गया है कि इस तिथि पर स्वयं भगवान विष्णु गंगा जल में निवास करते हैं।
