Maa Saraswati Ki Aarti Lyrics In Hindi, Jai Saraswati Mata Maiya Jai Saraswati Mata Aarti in Hindi: सरस्वती मां को ज्ञान और कला की देवी के रूप में पूजा जाता है। कहते हैं रोजाना देवी सरस्वती की पूजा और आरती करने से इनका आशीष मिलता है। साथ ही भक्तों के जीवन में किसी तरह का कोई अभाव नहीं रहता। सरस्वती माता की आरती करने मात्र से व्यक्ति को सुख-सौभाग्य का वरदान मिलता है। उसे किसी प्रकार का कोई कष्ट नहीं होता और तो और वो हर तरह के सुख का भागीदार बनता है। सरस्वती आरती के शुभ प्रभाव से इंसान धनी बनता है और खूब तरक्की करता है। जीवन के हर क्षेत्र में फलता और फूलता है। तो चलिए इसी के साथ यहां देखिए मां सरस्वती की विशेष आरती के हिंदी लिरिक्स।
सरस्वती मां की आरती, Saraswati Aarti Lyrics In Hindi:
ॐ जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
चंद्रवदनि पद्मासिनी, ध्रुति मंगलकारी।
सोहें शुभ हंस सवारी, अतुल तेजधारी ॥ जय…..
बाएं कर में वीणा, दाएं कर में माला।
शीश मुकुट मणी सोहें, गल मोतियन माला ॥ जय…..
देवी शरण जो आएं, उनका उद्धार किया।
पैठी मंथरा दासी, रावण संहार किया ॥ जय…..
विद्या ज्ञान प्रदायिनी, ज्ञान प्रकाश भरो।
मोह, अज्ञान, तिमिर का जग से नाश करो ॥ जय…..
धूप, दीप, फल, मेवा मां स्वीकार करो।
ज्ञानचक्षु दे माता, जग निस्तार करो ॥ जय…..
मां सरस्वती की आरती जो कोई जन गावें।
हितकारी, सुखकारी, ज्ञान भक्ती पावें ॥ जय…..
जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय…..
ॐ जय सरस्वती माता, जय जय सरस्वती माता ।
सद्गुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥ जय…..
सरस्वती माता की आरती के लाभ, Maa Saraswati Aarti Benefits:
रोजाना मां सरस्वती की सच्चे मन से आरती करने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बुद्धि तेज होती है, जिससे करियर और व्यवसाय में सफलता मिलती है। इतना ही नहीं, आरती के पुण्य प्रभाव से मन शांत और पॉजिटिव रहता है। इसके अलावा जीवन में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहती और आर्थिक में भी सुधार होता है।
सरस्वती आरती का सही समय, Saraswati Aarti Ki Time:
सरस्वती मां की आरती वैसे तो हर दिन करना फलदाई होता है। यदि हर दिन सुबह शाम करना संभव नहीं है तो कम से कम सरस्वती पूजा के दिन जरूर ही करना चाहिए। मां सरस्वती को शारदा, हंसवाहिनी, विद्या देने वाली, सत्य लोक में निवास करने वाली आदि कई नामों से जाना जाता है। इसलिए उनकी आरती और पूजा करना शुभ होता है।
