अध्यात्म

यहां रखा जाता है दुनिया का सबसे लंबा रोजा, जानिए कितने घंटे भूखे-प्यासे रहते हैं रोजेदार

Longest Roza In The World: इस्लामिक कैलेंडर का सबसे पाक महीना रमजान माना जाता है। पूरे रमजान में मुसलमान रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत करते हैं। वहीं, रमजान के रोजे की अवधि पूरी तरह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करती है। यही कारण है कि दुनिया के कुछ देशों में रोजा बहुत लंबा होता है। कभी-कभी इन देशों में रोजे की अवधि 20 घंटे तक पहुंच जाती है। आइए जानते हैं कि दुनिया के किस देश में सबसे लंबा रोजा रखा जाता है।

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दुनिया का सबसे लंबा रोजा कहां होता है?

Longest Roza In The World: रमजान का महीना इस्लाम में इबादत, सब्र और आत्मसंयम का समय माना जाता है। इस दौरान मुसलमान सुबह सेहरी करने के बाद रोजा रखते हैं और सूर्यास्त के समय इफ्तार करके रोजा खोलते हैं। रोजे की अवधि हर देश में अलग-अलग होती है, क्योंकि यह सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पर निर्भर करती है।

यही वजह है कि दुनिया के कुछ देशों में रोजा 13–14 घंटे का होता है, जबकि कुछ जगहों पर यह 18 से 20 घंटे तक भी पहुंच जाता है। साल 2026 में सऊदी अरब में रमजान की शुरुआत 18 फरवरी से मानी गई है, जबकि भारत में चांद देखने की परंपरा के अनुसार 19 फरवरी की रात को चांद देखने के बाद रोजे शुरू हुए हैं।

दरअसल पृथ्वी के झुकाव और भौगोलिक स्थिति के कारण उत्तरी गोलार्ध के कई देशों में दिन बहुत लंबा हो जाता है। इन क्षेत्रों में सूरज देर से डूबता है और कई जगह तो रात में भी काफी देर तक रोशनी रहती है। ऐसे में रोजेदारों को सेहरी और इफ्तार के बीच काफी लंबा समय बिना कुछ खाए-पिए रहना पड़ता है।

यहां रखा जाता है सबसे लंबा रोजा

दुनिया के उत्तरी हिस्से में स्थित ग्रीनलैंड, आइसलैंड, फिनलैंड, नॉर्वे और स्वीडन जैसे देशों में रोजे की अवधि सबसे लंबी मानी जाती है। इन जगहों पर रमजान के दौरान दिन का समय काफी बड़ा होता है। इस कारण यहां रोजेदारों को लगभग 16 से 20 घंटे तक रोजा रखना पड़ सकता है।

आइसलैंड की राजधानी रेकजाविक में तो कई बार सूरज आधी रात के आसपास डूबता है। ऐसे में यहां कभी-कभी रोजे की अवधि 20 से 22 घंटे तक भी पहुंच जाती है। इसी तरह ग्रीनलैंड के नूक शहर में भी रोजे का समय काफी लंबा होता है। इसलिए इन इलाकों में रोजा रखना काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

कनाडा और उत्तरी रूस में भी होता है लंबा रोजा

सिर्फ यूरोप ही नहीं, बल्कि कनाडा और उत्तरी रूस के कुछ क्षेत्रों में भी रोजे की अवधि काफी लंबी होती है। इन जगहों पर भी दिन का समय बहुत ज्यादा होता है। इस कारण यहां रहने वाले मुसलमानों को भी 17 से 18 घंटे तक रोजा रखना होता है।

हालांकि कुछ जगहों पर धार्मिक विद्वान ऐसी परिस्थितियों में पास के सामान्य समय वाले शहरों के हिसाब से रोजा रखने की सलाह भी देते हैं, ताकि लोगों को अत्यधिक कठिनाई न हो।

दुनिया के कुछ देशों में अनुमानित रोजे की अवधि

देशरोजे की अनुमानित अवधि
ग्रीनलैंड (नूक)लगभग 20 घंटे
आइसलैंड (रेकजाविक)लगभग 20 से 22 घंटे
फिनलैंड (हेलसिंकी)लगभग 18 से 19 घंटे
नॉर्वे (ओस्लो)लगभग 18 घंटे
स्वीडन (स्टॉकहोम)लगभग 18 घंटे
कनाडा (उत्तरी क्षेत्र)लगभग 17 से 18 घंटे
जर्मनीलगभग 16 से 17 घंटे
ब्रिटेनलगभग 16 से 17 घंटे
तुर्कीलगभग 15 घंटे
सऊदी अरबलगभग 13 से 14 घंटे
पाकिस्तानलगभग 13 से 14 घंटे
भारतलगभग 13 से 14 घंटे

मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में कम होती रोजों की अवधि

दूसरी ओर मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया के देशों में रोजे की अवधि अपेक्षाकृत कम रहती है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान और भारत जैसे देशों में रोजा आमतौर पर 13 से 14 घंटे के आसपास रहता है। यहां दिन और रात का समय संतुलित होने के कारण रोजा बहुत लंबा नहीं होता है।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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