Numerology: दुनिया में शुभ-अशुभ को लेकर अपनी कई धारणाएं हैं जिनका कोई आधार नहीं है, लेकिन मानते सभी हैं। जैसे हिन्दू धर्म में मान्यता है कि घर से बाहर अगर कोई जा रहा है और अचानक से कोई छींक दे या बिल्ली रास्ता काट जाए, तो यह अशुभ होता है। इसे अनहोनी माना जाता है। इसी तरह से 13 अंक को भी भारत समेत कई देशों में अशुभ माना जाता है। इस तारीख पर लोग न तो कोई भी नए काम की शुरूआत करते हैं और न ही 13 नंबर का घर, होटल या गाड़ी लेना पसंद नहीं करते हैं।
लोगों के मन में 13 अंक को लेकर इतना ज्यादा अंधविश्वास आखिर क्यों हैं, इसे लेकर कोई ठोस वजह अभी तक नहीं पता चली है। लेकिन इस अंक से के पीछे कुछ मान्यताएं जरूर जुड़ी हैं, जिससे लोग इस अंक से दूरी बनाकर रहना चाहते हैं।
13 अंक से जुड़ी है ये मान्यताएं
13 अंक को दुनिया भर के कई देशों के साथ अमेरिका में भी बहुत ज्यादा अशुभ माना जाता है। अमेरिका में लोग 13 अंक के नंबर वाले होटल के कमरे में नहीं रूकते हैं। यहां तक कि इस तारीख को लोग यात्रा भी नहीं करते हैं। वहीं कई कंस्ट्रक्शन कंपनियों बिल्डिंग्स में 13वीं मंजिल की नंबरिंग नहीं करते हैं। वे 12वीं मंजिल के बाद सीधे 14वीं मंजिल की नंबरिंग करते हैं। ईसाई धर्म में 13 अंक को भगवान ईसा मसीह से जोड़कर देखा जाता है। कहा जाता है कि, 13 तारीख को एक शख्स ने ईसा मसीह के साथ बहुत बड़ा विश्वासघात किया था। साथ ही उस शख्स ने 13वें नंबर की कुर्सी पर बैठकर ईसा मसीह के साथ भोजन भी किया था। इसी वजह से लोग तब से ही 13 अंक को अशुभ मानते हैं और इस अंक से दूर ही रहते हैं।
एक दूसरी कहानी के अनुसार गॉड लौकी वलहाला के फीस्ट में 13वें नंबर पर आए थे और एक दूसरे मेहमान के साथ मिलकर गॉड बालदुर की हत्या कर दी थी। मनोविज्ञान 13 अंक के अंधविश्वास और डर को ट्रिस्काइडेकाफोबिया या थर्टीन डिजिट फोबिया नाम से बुलाते हैं। लोगों में इस अंक का इतना डर है कि लोग किसी भी तरह से इस अंक का इस्तेमाल नहीं करना चाहते।
(डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)
