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Kojagri Laxmi puja 2024 Date And Time: अक्टूबर के महीने में इस दिन मनाई जाएगी कोजागरी लक्ष्मी पूजा, जानिए पूजा की शुभ मुहूर्त और महत्व

Kojagri Laxmi puja 2024 Date And Time: सनातन धर्म में कोजागरी लक्ष्मी पूजा को बहुत ही खास माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा का विधान है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल कोजागरी लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा।

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Kojagri Laxmi puja 2024

Kojagri Laxmi puja 2024 Date And Time: कोजागरी लक्ष्मी हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि के दिन मनाई जाती है। ये पर्व बिहार और बंगाल में खास तौर पर मनाया जाता है। कोजागरी पूर्णिमा के दिन माता रानी धरती लोक पर भ्रमण करने आती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इस दिन पूरे विधि- विधान के साथ लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है। इसके साथ ही शरद पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की भी पूजा की जाती है। कोजागरी पूर्णिमा का त्योहार हर जगह पर अलग- अलग तरीके से मनाया जाता है। ये दिन लक्ष्मी जी की पूजा और कृपा प्राप्ति के लिए सबसे उत्तम दिन माना जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल अक्तूबर के महीने में कोजागरी लक्ष्मी पूजा कब मनाई जाएगी और इसके शुभ मुहूर्त के बारे में।

Kojagri Laxmi puja 2024 Date (कब है कोजागरी लक्ष्मी पूजा 2024)

कोजागरी लक्ष्मी पूजा हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस साल इस तिथि की शुरुआत 16 अक्टूबर को रात 08 बजकर 40 मिनट पर हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 17 अक्टूबर को शाम 04 बजकर 55 मिनट पर होगा। पूर्णिमा में रात को लक्ष्मी जी की पूजा की जाती है, इसलिए इस साल कोजागरी लक्ष्मी पूजा 16 अक्तूबर 2024 को मनाई जाएगी।

Kojagri Laxmi puja 2024 Shubh Muhurat (कोजागरी लक्ष्मी पूजा शुभ मुहूर्त 2024)

पंचांग के अनुसार इस साल कोजागरी लक्ष्मी पूजा 16 अक्तूबर 2024 को मनाई जाएगी। इस दिन लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त रात के 11.42 से लेकर 12 बजकर 32 मिनट तक रहेगा। ये पूजा निशिता काल में ही की जाती है। कोजागरी पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय शाम 5 बजकर 5 मिनट पर होगा।

Kojagri Laxmi Puja Kheer significance (कोजागरी पूर्णिमा पर खीर का महत्व)

कोजागरी पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाया जाता है। इस दिन साफ बर्तन में खीर रखकर चंद्रमा की रोशनी में रख दें। उसके बाद उस खीर का भोग माता लक्ष्मी को लगाएं। इसके साथ ही चंद्रोदय के बाद घर के सामने 11 दीपक जलाएं। ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में पधारती हैं। इस दिन चंद्रमा 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है, इसलिए उसकी रोशनी में खीर रखने से उसमें औषिधी गुण आ जाते हैं। कोजागरी लक्ष्मी पूजा के दिन भोग लगाई गई खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए।

Kojagri Laxmi Significance (कोजागरी लक्ष्मी पूजा महत्व)

कोजागरी लक्ष्मी पूजा खासतौर पर बंगाल में मनाई जाती है। ये दिन लक्ष्मी जी की पूजा के लिए सबसे उत्तम दिन माना जाता है। कोजागरी लक्ष्मी पूजा के दिन रात में जागरण किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन मां लक्ष्मी धरती लोक पर आती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। मां लक्ष्मी की कृपा से साधक के भंडार भरते हैं।

Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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