Khatu Shyam Mela 2026 Date: सज गया खाटू श्याम बाबा का दरबार, जानें 2026 में खाटू श्याम जी का मेला कब लगेगा? नोट करें- लक्खी मेला 2026 तारीख
- Authored by: Srishti
- Updated Feb 10, 2026, 09:40 AM IST
Khatu Shyam Mela 2026 Kab Se Kab Tak Hai (2026 में खाटू श्याम जी का मेला कब है): खाटू बाबा के भक्त खाटू श्याम जी के फाल्गुन मेले की तैयारियों में लगे हैं। लेकिन साल 2026 में ये मेला कब से कबतक लगेगा, इसके बारे में आप यहां से जान सकते हैं। यहां लक्खी मेला की डेट मौजूद है।
लक्खी मेला 2026 तारीख, 2026 में खाटू श्याम जी का मेला कब लगेगा (pc: canva)
Khatu Shyam Mela 2026 Kab Se Kab Tak Hai (2026 में खाटू श्याम जी का मेला कब है): हर साल राजस्थान के सीकर जिले के खाटू धाम में भगवान श्याम बाबा के सम्मान में मेला लगाया जाता है। इस मेले में दूर-दूर से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ये मेला फाल्गुन मास में लगता है, इसलिए इसे फाल्गुन मेला भी कहते हैं। इसे लक्खी मेला के नाम से भी जानते हैं। लेकिन इस साल ये मेला कब लगने वाला है, इसकी डेट को लेकर काफी ज्यादा कंफ्जून है। यहां से आप जान सकते हैं कि साल 2026 में खाटू श्याम जी का मेला कब लगने वाला है और ये कबतक चलेगा।
2026 में खाटू श्याम जी का मेला कब से शुरू है?
साल 2026 में खाटू श्याम जी का फाल्गुन मेला 21 फरवरी 2026, दिन शनिवार से शुरू होगा। बता दें कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस साल तो इस मेले में देश-विदेश से 50 लाख से अधिक भक्तों के आने की संभावना है।
खाटू श्याम जी का मेला 2026 कब से कब तक चलेगा?
अब चूंकि खाटू श्याम जी के फाल्गुन मेले की शुरुआत 21 फरवरी 2026 से हो रही है, लेकिन ये मेला 28 फरवरी 2026 तक चलेगा। इस साल ये मेला 12 दिन की जगह 8 दिन का लगने वाला है। इस दौरान खाटू धाम में विशेष पूजा-पाठ, निशान यात्रा, भजन-कीर्तन और मेले की रौनक रहती है।
खाटू श्याम जी के फाल्गुन मेले का महत्व-
फाल्गुन मेला सिर्फ एक मेला नहीं है, यह आस्था, विश्वास और भक्ति का महासंगम माना जाता है। श्याम भक्तों के लिए इसका आध्यात्मिक महत्व बहुत गहरा है। मान्यता है कि फाल्गुन शुक्ल एकादशी के दिन ही बर्बरीक जी (खाटू श्याम जी) का शीश खाटू में प्रकट हुआ था। इसी कारण फाल्गुन महीने में बाबा श्याम की विशेष कृपा मानी जाती है। कहा जाता है कि इस समय सच्चे मन से मांगी गई मन्नत अवश्य पूरी होती है।
फाल्गुन मेले में क्या है खास?
श्याम बाबा के बहुत सारे भक्त रींगस से पैदल झंडा लेकर खाटू श्याम जी के दर पर पहुंचते हैं। रास्ते में भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़े, और श्याम नाम की गूंज होती है। मेले के दौरान रातभर भजन-कीर्तन, सत्संग, और जागरण चलता है। भक्त श्याम नाम कीर्तन में लीन रहते हैं। भजनभंडारे और लंगर के स्टॉल्स लगते हैं। यहां भोजन में प्रसाद की महक और स्वाद अलग ही आनंद देता है।
खाटू श्याम बाबा कौन हैं?
हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा... श्याम बाबा को कलियुग के देवता कहा जाता है। खाटू श्याम बाबा को महाभारत काल के महान योद्धा बर्बरीक माना जाता है। वे भीम के पौत्र और घटोत्कच के पुत्र थे। जब महाभारत युद्ध शुरू होने वाला था, तब श्रीकृष्ण ने बर्बरीक की शक्ति देखी। श्रीकृष्ण ने उनसे शीश का दान मांगा। बर्बरीक ने बिना संकोच शीश दान कर दिया। र्बरीक के त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने वरदान दिया था कि कलियुग में तुम मेरे नाम से पूजे जाओगे और तुम्हारा नाम होगा श्याम। भक्त मानते हैं कि जो व्यक्ति जीवन की परेशानियों में हार मान चुका हो, अगर वह खाटू आकर बाबा के चरणों में शीश झुका दे, तो उसे नई दिशा और शक्ति मिलती है।
