Khatu Shyam Ji Birthday Date 2024: खाटू श्याम जी का जन्मदिन कब और कैसे मनाया जाता है, यहां पढ़ें इसकी पौराणिक कथा
- Authored by: जयंती झा
- Updated Nov 12, 2024, 07:52 AM IST
Khatu shyam ji ka birthday kab hai: खाटू श्याम जी का जन्मदिन श्याम भक्तों के लिए बहुत ही खास दिन होता है। इनका जन्मदिन खाटू में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस साल खाटू श्याम जी का जन्मदिन कब मनाया जाएगा।
Khatu shyam ji ka birthday kab hai
Khatu Shyam Baba Birthday 2024:बाबा खाटू श्याम जी को कलयुग का देव माना जाता है। इनको हारे का सहारा कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि जो भी व्यक्ति हार कर इनके दर पर जाता है बाबा उसको जीत दिलाते हैं। खाटू श्याम जी का जन्मदिन हर साल कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की ग्यारस यानि एकादशी तिथि के दिन मनाया जाता है। हालांकि कुछ लोग बाबा का जन्मदिन फाल्गुन मास की ग्यारस तिथि को मनाते हैं। खाटू वाले बाबा का जन्मदिन पूरे देश में बहुत ही उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है। बाबा के भक्तों को बाबा के जन्मदिन का पूरे साल इंतजार रहता है। ऐसे में आइए जानें कार्तिक के महीने में खाटू श्याम जी का जन्मदिन कब मनाया जाएगा।
khatu shyam ji ka birthday kab hai (खाटू श्याम जी जन्मदिन कब है 2024)
खाटू श्याम जी का जन्मदिन हर साल कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन मनाया जाता है। इस दिन देव उठनी एकादशी का भी व्रत रखा जाता है। इस साल खाटू श्याम जी का जन्मदिन 12 नवंबर 2024 को मनाया जाएगा।
Baba Khatu Shyam Ji Ka Mantra (खाटू श्याम मंत्र)
- ॐ श्याम देवाय बर्बरीकाय हरये परमात्मने। प्रणतः क्लेशनाशाय सुह्र्दयाय नमो नमः।।
- ॐ मोर्वी नंदनाय विद् महे श्याम देवाय धीमहि तन्नो बर्बरीक प्रचोदयात्।।
- ॐ श्याम शरणम ममः
- ॐ खातुनाथाय नमः
बर्बरीक कैसे बने खाटू श्याम
खाटू श्याम बाबा का असली नाम बर्बरीक था। बाबा श्याम का संबंध महाभारत काल से माना जाता है। बर्बरीक भीम के पुत्र घटोत्कच के पुत्र थे और पांडवों के पौत्र थे। बर्बरीक अपनी साधना से महान धनु धर बने थे। उनकी मां मौरवी के आशीर्वाद के कारण उनमें बचपन से ही बहुत तेज था। जब महाभारत युद्ध की शुरुआत हुई। तब बर्बरीक की भी इच्छा इस युद्ध को देखने और भाग लेने की हुई, लेकिन उनकी मां ने उनको वचन दिया था कि वो युद्ध में उनका ही साथ देंगे जो पक्ष हार रहा होगा। वो अपनी मां की आज्ञा का पालन करने के लिए युद्ध स्थल की ओर बढ़ गए। भगवान कृष्ण को ये सारी बाते पता थी। वो जानते थे कि यदि बर्बरीक कौरवों की तरफ से लड़ेंगे तो पांडवों की हार निश्चित है, इसलिए कृष्ण ने साधु रूप धारण कर बर्बरीक से उनके शीश दान में मांग लिए। बर्बरीक ने आसानी से अपना शीश दान दे दिया। बर्बरीक के त्याग को देखकर भगवान कृष्ण ने उन्हें अपना नाम श्याम दे दिया। तब से ही बर्बरीक को खाटू श्याम नाम से जाना जानें लगा।
कैसे मनाया जाता है खाटू श्याम जी का जन्मदिन
बाबा खाटू श्याम जी का जन्मदिन पूरे देश में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है, लेकिन खाटू नगरी में इनका जन्मदिन बहुत खासतौर पर मनाया जाता है। बाबा के जन्मदिन के दिन मंदिर को फूलों से सजाया जाता है और बाबा की प्रतिमा को भी बहुत ही खूबसूरत वस्त्र पहनाए जाते हैं। इस दिन खाटू नगरी में मेले का आयोजन किया जाता है। इस दिन बाबा के नाम का केक भी काटा जाता है और श्याम बाबा की जय, खाटू नरेश की जय, हारे के सहारे का जयकारा गूंजता है। इसके साथ ही भव्य आरती भी की जाती है।