Karwa Chauth Puja Vidhi In Hindi (करवा चौथ पूजा विधि): आज करवा चौथ है और आज सुहागिन महिलाएं अपने पति के लिए निर्जला उपवास रख रही हैं। सरगी के बाद व्रत की शुरूआत हो चुकी है और अब शाम के समय में करवा चौथ की पूजा होगी। आमतौर पर ये पूजा महिलाएं सामुहिक रूप से ही एक-दूसरे के घर जाकर या मंदिरों में करती हैं। लेकिन अगर आपको घर पर अकेले भी ये पूजा करनी है तो आप कर सकते हैं। यहां पर करवा चौथ की पूजा करने का तरीका बताया गया है। स्टेप बॉय स्टेप करवा चौथ की पूजा विधि दी गई है। इसे देखकर आप करवा चौथ की पूजा कर सकते हैं। और साथ ही अकेले करवा भी बदल सकते हैं।
करवा चौथ की पूजा विधि (Karwa Chauth Puja Vidhi Steps In Hindi)-
- करवा चौथ की पूजा शाम में ही होती है तो पूजा से पहले स्नान कर साफ कपड़े पहनें और पूजन स्थान को स्वच्छ करें।
- पूजा की चौकी पर करवा माता की तस्वीर रखें।
- सबसे पहले कलश की स्थापना करेंगे तो कलश में सिक्का, सुपारी, हल्दी की गांठ, थोड़े अक्षत जरूर डालें।
- कलश के ऊपर आम या अशोक के 5 से 7 पत्ते रखें।
- फिर कलश का मुंह किसी पात्र से ढक दें और उसके ऊपर थोड़े से अक्षत डाल दें।
- फिर कलश पर ही घी का दीपक भी रख दें।
- अब एक करवा लेकर उसमें जल भकर रखें।
- फिर करवे के छेद में 4 सींकें लगा दें। करवे के अंदर आप चांदी का सिक्का या अंगूठी जरूर डालें।
- इसके बाद इसे किसी चीज से ढक दें और उसके मुख पर कुछ मीठा रख दें।
- इसके बाद एक करवा और तैयार करना है जिसे आप दान करेंगी। आप चाहें तो खांड का करवा भी ले सकती हैं।
- फिर करवे के अंदर खील, बताशे, मिठाई, गुलगुले, आदि चीजें भर लें।
- जो महिलाएं घर पर अकेले में करवा चौथ की पूजा करती हैं वो दो करवे भरती हैं एक अपने लिए और एक माता गौरी के लिए।
- पूजा स्थान पर वो छलनी भी रखें जिससे आपको चांद को अर्घ्य देना है।
- पूजा स्थल पर कटोरी में गेहूं भरकर भी जरूर रखें।
- इसके बाद धूप, दीप, चन्दन, रोली, सिन्दूर आदि से विधिवत पूजा करें।
- इसके बाद हाथ में अक्षत लेकर व्रत कथा पढ़ें।
- माता को सुहाग की सामग्री चढ़ाएं और भोग लगाएं।
- अब करवा चौथ की आरती करें।
- फिर चांद निकलते ही चंद्र दर्शन करें और चांद को अर्घ्य दें।
- इसके बाद छलनी से चांद को देखते हुए पति के दर्शन करें और आशीर्वाद लें।
- फिर पति के हाथ से पानी पीकर अपना व्रत खोल लें।
अकेले करवाचौथ पर करवा कैसे बदलें? (Akele Karwa Kaise Badle)-
जो महिलाएं करवा चौथ की पूजा सामूहिक रूप से करती हैं वे बाकी महिलाओं के साथ अपना करवा बदलती हैं। लेकिन जो घर पर अकेले करवा चौथ की पूजा करती हैं वे अपना करवा माता गौरी से बदलती हैं। करवा चौथ माता की मूर्ति बनाकर उन्हें अपनी 'सखी' मानकर करवा की अदला-बदली की रस्म पूरी की जाती है। इस दौरान आपको सात बार हाथ क्रॉस करके करवा बदलना है और करवा घुमाते समय आपको ये बोलना है 'ले सुहागन ले करवा, दे सुहागन दे करवा'। जब आप अंतिम बार करवों को बदलते हैं, तो माता गौरी का करवा आपकी तरफ आ जाता है और आपका करवा उनकी तरफ चला जाता है, जिससे आपकी रस्म पूरी हो जाती है।
