अध्यात्म

Karwa Chauth Arti: करवा चौथ पर जरूर करें करवा माता की आरती, अखंड सौभाग्यवती होने का मिलेगा वरदान

Karwa Chauth Arti Lyrics & Puja Mantra in Hindi: कहते हैं अगर करवा चौथ व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करना है तो इसकी व्रत कथा और आरती जरूर करनी चाहिए। यहां देखें करवा चौथ की आरती के हिंदी लिरिक्स।

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Karva Chauth Aarti: करवा चौथ की आरती

Karwa Chauth 2023 Arti Lyrics & Puja Mantra in Hindi (करवा चौथ की आरती हिंदी में लिखित): करवा चौथ व्रत पूरे विधि विधान से रखा जाता है। इसकी शुरुआत सुबह सरगी के साथ होती है और फिर शाम में करवा चौथ की पूजा की जाती है। इस पूजा के समय करवा चौथ व्रत की कथा पढ़ी जाती है और अंत में आरती के साथ पूजा संपन्न की जाती है। फिर रात में महिलाएं चांद को अर्घ्य देकर अपना व्रत खोलती हैं। यहां देखें करवा चौथ की आरती और मंत्र।

Karwa Chauth Ki Aarti (करवा चौथ की आरती)

ओम जय करवा मैया, माता जय करवा मैया।

जो व्रत करे तुम्हारा, पार करो नइया।। ओम जय करवा मैया।

सब जग की हो माता, तुम हो रुद्राणी।

यश तुम्हारा गावत, जग के सब प्राणी।। ओम जय करवा मैया।

कार्तिक कृष्ण चतुर्थी, जो नारी व्रत करती।

दीर्घायु पति होवे , दुख सारे हरती।। ओम जय करवा मैया।

होए सुहागिन नारी, सुख संपत्ति पावे।

गणपति जी बड़े दयालु, विघ्न सभी नाशे।। ओम जय करवा मैया।

करवा मैया की आरती, व्रत कर जो गावे।

व्रत हो जाता पूरन, सब विधि सुख पावे।। ओम जय करवा मैया।

Ganesh Ji Ki Aarti (गणेश जी की आरती)

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी।

माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा।

लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।

बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

दीनन की लाज रखो, शंभु सुतकारी।

कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥

जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

Karwa Chauth Mantra (करवा चौथ मंत्र)

-ॐ गणेशाय नमः

-ॐ नमः शिवाय

-ॐ शिवायै नमः

-ॐ षण्मुखाय नमः

-ॐ सोमाय नमः

-'मम सुख सौभाग्य पुत्र-पौत्रादि सुस्थिर श्री प्राप्तये करक चतुर्थी व्रतमहं करिष्ये।'

-'नमस्त्यै शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संतति शुभा। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे।'

TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

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